प्राचीन समय में यहां लोग दूर-दूर से शिक्षा ग्रहण करने आते थे
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नालंदा विश्वविद्यालय
सबसे पहले आपको रूबरू करवाते हैं बिहार में स्थित नालंदा विश्वविद्यालय से जहां प्राचीन समय में लोग दूर-दूर से शिक्षा ग्रहण करने आते थे। बता दें, इसकी स्थापना गुप्त वंश के शासक कुमार गुप्त द्वारा कि गई थी। इसके अलावा यही वो जगह है जहां सम्राट अशोक ने सबसे ज्यादा मठ और मंदिरों का निर्माण करवाया था। इसकी इमारत में खास बात यह देखने को मिलती है कि इसे लाल पत्थर से बनवाया गया है जिसे देखने के लिए लोग देश विदेश से आते हैं। लोगों की मानें तो महात्मा बुद्ध भी यहां शिक्षा लेने आते थे।
बिहार में धर्म नगरी नाम से प्रसिद्ध गया
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गया
बिहार में धर्म नगरी नाम से प्रसिद्ध गया बिहार के दूसरे सबसे बड़े शहर का नाम है। खासतौर पर इस शहर में सबसे ज्यादा विष्णु मंदिर का बहुत बड़ा महत्व है। बताया जाता है इस मंदिर में भगवान विष्णु के पांव हैं। फाल्गुन नदी के तट पर बसे इस शहर में लोग पिंड दान करने आते हैं। हिंदू धर्म के अनुसार ऐसा करने से मरने वाले व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। इसके अलावा यह स्थान पर्यटन के लिए काफी मशहूर है। कहा जाता है भगवान बुद्ध यहां लंबे समय तक रुके रहे,जिस वजह से इसका नाम बोध गया रखा गया।
राजगृह
राजगृह को बिहार की ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी के रुप में पहचाना जाता है। आपको बता दें, वक्त के साथ राजगृह का नाम राजगीर के नाम में बदल गया। यहां कि हरियाली और प्राकृतिक खूबसूरती लोगों को अपने तरफ आकर्षित करती है। तो वहीं हिन्दु और बोध धर्म के लोग यहां आकर खुद को धन्य मानते हैं। खास बात यह है कि यहां एक गर्म कुंड भी मौजूद है जहां स्नान करने के बाद लोग खुद को पवित्र समझते हैं।
मुंगेर
बिहार में स्थित मुंगेर को ऐतिहासिक नगरी कहा जाता है। यहां आज भी पहले के बने हुए पुराने जमाने के किले मौजूद हैं।इन किलों को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। यह शहर गंगा नदी के किनारे बसा हुआ है। यहां दिखाई देने वाली पहाड़ियों के ऊपर कई भव्य किले बने हुए हैं जो इस शहर की खूबसूरती में चार-चांद लगाती है। यहांं आकर अगर आप प्रकृतिक दृश्यों का आनंद लेना चाहते हैं तो आप यहां की कृष्ण वाटिका सबसे अच्छी जगह है। इस वाटिका के अंदर दो लंबी सुरंग हैं जिन्हें प्रचीन समय मेें बनाया गया था।
वैशाली
वैशाली बिहार राज्य का एक ऐसा शहर है जिसका नाम महाभारत काल के राजा विशाल के नाम पर रखा गया था। यहां घूमने के लिए सबसे अच्छा मौसम जनवरी,फरवरी,मार्च ,अप्रैल का माना जाता है। इस छोटे से गांव में लोग सम्राट अशोक द्वारा बनाए गए स्तंभ और स्तूपों को देखने के लिए आते हैं। बता दें यहां का विशाल शांति स्तूप पूरे विश्व में विख्यात है। कहा जाता है भगवान बुद्ध यहां पर लंबे समय तक रूके थे। यहां एक स्थान ऐसा भी है जहां भगवान बुद्ध बारिश के मौसम का आनंद उठाया करते थे। इसके अलावा वैशाली में एक ऐसा झील है जिसके पानी को प्राचीन समय में पवित्र माना जाता था। हालांकि आज यहां आने वाले लोग इस पानी को दूर से ही प्रणाम करके चले जाते हैं।