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कश्मीर ही नहीं भारत के ये 5 गांव भी हैं धरती पर स्वर्ग, देखते रह जाएंगे खूबसूरती

Tue, 20 Nov 2018 10:35 AM IST
लाइफस्टाइल डेस्क , अमर उजाला
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- फोटो : file photo
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अगर आप कभी स्वर्ग की कल्पना करते होंगे तो शायद आपके दिमाग में सबसे पहले बर्फ से ढकी पहाड़ियों के बीच हरे भरे जगंल और झरनों की तस्वीरें आ जाती होंगी। ऐसे में एकाएक दिमाग में ये ख्याल आता होगा कि काश हमारे भारत में भी ऐसी ही कोई स्वर्ग जैसी खूबसूरत जगह होती।लोग कश्मीर को जन्नत कहते हैं। आपने आज तक कश्मीर और उसकी खूबसूरती के कई किस्से भी सुने होंगे लेकिन क्या आप जानते हैं कश्मीर के अलावा भारत में पांच ऐसे गांव मौजूद हैं जो किसी जन्नत से कम नहीं हैं।खूबसूरती ऐसी कि लोग देखते रह जाएं।अगर आप भी शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर मिट्टी की सौंधी-सौंधी खूशबू और पहाड़ों की हरियाली के बीच सुकून के कुछ पल बीताने की तमन्ना रखते हैं तो आपके लिए ये गांव एकदम परफेक्ट हैं।    

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smit - फोटो : file photo
स्मित
मेघालय की राजधानी शिलांग से करीब 11 किलोमीटर दूर पहाड़ों पर बसा 'स्मित' गांव कुदरत की खूबसूरत चादर ओढ़े हुए नजर आता है।शहर के प्रदूषण से दूर स्मित की हवा में घुली शुद्धता और ताजगी आपके जीवन से तनाव को हमेशा के लिए दूर कर देगी। यही वजह है कि इस गांव को प्रदूषण मुक्त गांव का दर्जा भी मिला हुआ है। स्मित गांव दिखने में इतना खूबसूरत है कि यहां के नजारे आपको हैरत में डाल देंगे। इस गांव में रहने वाले लोग सब्जी और मसाले की खेती करते हैं।

शिलॉन्ग - फोटो : file photo

शिलॉन्ग
शिलॉन्ग से करीब 90 किमी दूरी पर बसा छोटा सा गांव, जहां आपको कई जगह पेड़ों की जड़ों से बने मजबूत पुल के साथ मन को लुभाने वाले खूबसूरत झरने आपका मन मोह लेंगे। यहां के अद्भुत खूबसूरत नजारे बेहद सुकून भरे हैं।यहां से जुड़ी हर एक चीज कुछ ऐसी है कि आप यहां बसने के लिए मजबूर हो जाएंगे।

Khonoma - फोटो : file photo

खोनोमा
प्रकृति से प्यार करने वाले लोगों को शायद ही इस बात का पता हो कि खोनोमा को एशिया का सबसे पहला हरा-भरा गांव घोषित किया गया है। ये गांव कोहिमा से 20 किलोमीटर दूर खोनोमा की हरी-भरी वादियों में मौजूद है।बता दें कि इस गांव में 100 से ज्यादा अलग-अलग प्रजाति के वन्य प्राणी और खूबसूरत जीव-जंतु रहते हैं।अगर आप गौर से इस गांव को देखेंगे तो पाएंगे कि खोनोमा में बना हर घर एक दूसरे से जुड़ा हुआ हैं। इसके अलावा यहां बने हर घर के दरवाजे पर एक खास तरह का सींग लटकाया जाता है। जो कहा जाता है कि गांववालों की सुरक्षा के लिए लटकाया गया होता है।यहां लगभग 250 पौधों की प्रजातियों के पौधे पाए जाते हैं।

मिरिक - फोटो : file photo
मिरिक
दार्जिलिंग के पश्चिम में समुद्र तल से लगभग 4905 फीट की ऊंचाई पर बसा एक छोटा सा गांव मिरिक हैं।इस गांव को प्रकृति ने दिल खोलकर अपने सौंदर्य से नवाजा है। हिमालय की वादियों के बीच देवदार से घिरी मिरिक झील यहां के नजारों को और भी खूबसूरत बना देती है।यहां की चाय के बागान, जंगली फूलों की चादर, क्रिप्टोमेरिया के पेड़ यहां आने वाले पर्यटकों को खासा लुभाते हैं।

 
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malana - फोटो : file photo
मलाना
लोगों को शायद ही पता हो कि दुनिया की सबसे महंगी चरस मलाना मिल्क इसी गांव में मिलती है।'मलाना' गांव हिमाचल की कुल्लू घाटी के उत्तर में पार्वती घाटी की चंद्रखानी की हरी-भरी वादियों से ढका हुआ है।मलाना नदी के पास खूबसूरत पहाड़ियों के किनारे बसे इस गांव की खूबसूरती बेमिसाल है।यहां के अद्भुत नजारे यहां आपने वाले लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।यहां आने वाले पर्यटक इस गांव के बाहर कैंप लगाकर रुकते हैं। यहां बाहरी लोगों को अंदर गांव में जाने और वहां की किसी चीज को छूने की मनाही होती है।
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