फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आंखों में जलन या गले में खराश, कहीं वायरल इन्फेक्शन तो नहीं?

Sat, 30 Mar 2013 06:33 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
विज्ञापन
विज्ञापन
आंखों में जलन और लाली, गले में खराश, सर्दी-जुकाम या तेज बुखार। गर्मियों की शुरुआत में आमतौर पर ऐसी दिक्कतें सुनने अटपटी लगती हैं लेकिन इन दिनों मौसम के बदलते मिजाज के बीच अगर आपको ऐसी समस्याएं हो रही हैं तो आप वायरल संक्रमण का शिकार हो सकते हैं।
विज्ञापन


इन दिनों बदलते मौसम में वायरल संक्रमण सबसे आम समस्या है लेकिन इसमें बरती गई लापरवाही की कीमत जरूर भारी पड़ सकती है।

ऐसे में जिन दिक्कतों को आप महज सर्दी-जुकाम या छोटी-मोटी एलर्जी समझकर दरकिनार कर देते हैं, उन्हें पहचानकर सही समय पर इलाज करवाना जरूरी है।

होम्योपैथिक विशेषज्ञ डॉ. ए. के. अरुण से जानिए इस संक्रमण के बारे में।

क्यों होता है यह संक्रमण
आमतौर पर मौसम में बदलाव के कारण वायरस अधिक संक्रिय हो जाते हैं। ये इतने प्रकार के हैं और इतने अधिक छोटे हैं कि इन्हें पहचानना बहुत कठिन होता है।

हमारे शरीर में मौजूद एंटीबॉडी प्रोटीन भी कई बार इन्हें पहचान नहीं पाता क्योंकि ये तेजी से अपनी संरचना बदल लेते हैं। ये तेजी से शरीर, खासतौर पर नाक, गले, फेफड़े और सीने में घुस सकते हैं और कुछ ही घंटों में शरीर को संक्रमित कर देते हैं।

इसके लक्षण हैं
आमतौर पर ये समस्याएं वायरल संक्रमण के लक्षण हो सकती हैं-

- गले में खराश और दर्द।
- जुकाम होना।
- आंखों में जलन, लाली और खुजली।
- सिर दर्द।
- तेज बुखार।

कोई भी दवा लेने से पहले
आमतौर पर वायरल इन्फेक्शन के दौरान नाक बहने, गला खराब होने और मुंह में अधिक लार बनने जैसे बदलाव होते हैं लेकिन लोग शुरू में ही घबराकर बिना सोचे-समझे एंटीबायोटिक दवाएं ले लेते हैं जिससे लार बननी बंद हो जाती है।
विज्ञापन


हमारी लार में संक्रमण खत्म करने की क्षमता होती है जो संक्रमण को दूर करने में मदद करती है। ऐसे में डॉक्टर की परामर्श से ही दवाएं लें न कि अपने मन से एंटीबायोटिक खाएं।

ऐसे करें बचाव
आमतौर पर कोई भी वायरल संक्रमण या सामान्य फ्लू एक हफ्ते तक रहता ही है लेकिन सही समय पर इसके उपचार से संक्रमण को बिगड़ने से रोका जा सकता है। इससे बचाव के लिए इन छोटी-छोटी बातों का जरूर ध्यान रखें।

- दिन में कई बार हाथ और मुंह धोएं।
- बहुत अधिक बाहर न निकलें बल्कि घर पर ही आराम करें जिससे यह संक्रमण फैलेगा नहीं।
- छींक या खांसी के दौरान हमेशा रुमाल का इस्तेमाल करें और नाक साफ करते रहें।
- अपने मन से किस भी एंटीएलर्जिक या एंटीबायोटिक दवा हर्गिज न लें।
- खाने में गर्म और सेमी-लिक्विड डाइट अधिक लें।
- ठंडी और खट्टी चीजें न खाएं।

कुछ कारगर होम्योपैथिक दवाएं
वायरल संक्रमण से बचाव और उपचार के लिए होम्योपैथी में इन्फ्लूएंजा 200 बेहद असरदार दवा है।

इसके अलावा, आंखों में जलन या लाली को रोकने के लिए बेलाडोना 30, कमजोरी दूर करने और प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाने के लिए जेलसेनियम 30 और घबराहट के लिए आर्सेनियम 30 की डोज दी जाती है। हमेशा डॉक्टरी सलाह के बाद ही दवाएं लें।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें