नींद आए अगर इसके लिए आप रोज नींद की गोलियां लेते हैं तो सावधान हो जाएं। ब्रिटिश शोध की मानें तो नींद की गोलियां लेने वाले लोगों को दिल के दौरे का खतरा 50 प्रतिशत अधिक होता है।
डेली एक्सप्रेस में प्रकाशित शोध की मानें तो वैज्ञानिकों ने नींद की दवाओं में मौजूद तत्व - जोपिडेम को दिल की बीमारियों की वजह बताया है।
पढ़ें - बिस्तर पर जानें से पहले इन 7 आदतों से बरतें दूरी
शोधकर्ताओं का मानना है कि नींद की दवाओं के 35 मिलीग्राम के स्टैंडर्ड डोज़ लेने से दिल के दौरे का खतरा 20 प्रतिशत बढ़ जाता है जबकि साल में करीब 60 नींद की दवाएं लेने से यह रिस्क 50 प्रतिशत हो सकता है।
शोध के दौरान करीब 50,000 लोगों का अध्ययन किया गया जिसमें उनके सोने की आदत, दवा का सेवन और दिल की सेहत का ब्यौरा लिया गया है।
अब अगर नींद न आने के लिए आप भी दवाओं का सहारा बिना सोचे-समझे लेते हैं तो पहले एक बार जरूर सोच लें।