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नींद में खर्राटे सताते हैं तो अपनाएं ये उपाय

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क्या आपके घर में भी लोग सोते वक्त आपके खर्राटों से परेशान हैं? या आए दिन आपको अपने खर्राटों की वजह से शर्मिंदगी उठानी पड़ती है? इसके बावजूद आप अपनी इस समस्या से छुटकारा नहीं पा सके हैं? तो चलिए हम आपको कुछ ऐसे उपाय बताते हैं जिससे आप काफी हद तक इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।
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अलग-अलग पोजिशन अपनाएं
वैसे तो पीठ के बल सोना ही सोने का आदर्श तरीका है लेकिन कई बार इस मुद्रा में सोने से खर्राटे की आशंका बढ़ जाती है। इस मुद्रा में तालु व जीभ गले के ऊपरी भाग पर होते हैं। इससे ऊंची पिच में ध्वनि उत्पन्न होती है और यह खर्राटों में तब्दील हो जाती है। आप अगर करवट के बल सोएंगे तो खर्राटों की आशंका कम होगी।

वजन घटाएं
आपने कभी गौर किया हो तो हमेशा खर्राटे लेने वाले लोग अधिकतर मोटापे के शिकार हैं। ऐसे में गले के आस-पास बहुत अधिक वसा युक्त कोशिकाएं जमा हो जाती हैं, जिनसे गले में सिकुड़न होती है और खर्राटे की ध्वनि निकलती है। यह हवा के रास्ते को भी रोकता है जिससे भी सोते वक्त खर्राटे अधिक होते हैं। तो अगर आप खर्राटे से छुटकारा चाहते हैं तो वजन जरूर घटाएं।
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सोने से पहले न लें अल्कोहल
कई दर्द निवारक दवाओं की तरह ही अल्कोहल भी शरीर की मांसपेशियों के खिंचाव को कम करती है और उन्हें विस्तार देती है। कई बार बहुत अधिक अल्कोहल के सेवन से गले की मांसपेशियां फैल जाती हैं जिससे खर्राटे उत्पन्न हो सकते हैं। तो सोते वक्त हो सकें तो अल्कोहल से बचें या फिर सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करें।

धूम्रपान से बचें
धूम्रपान का फेफड़े पर सीधा प्रभाव पड़ता है। इससे फेफड़े की क्षमता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। कभी-कभी धूम्रपान करने वाले व्यक्ति को सोते वक्त ऑक्सीजन की कमी लगती है। इस स्थिति को स्लीप ऐप्नीआ यानी निद्रा अश्वसन कहते हैं। इस स्थिति में कई बार ऑक्सीजन प्राप्त करने के लिए भी शरीर खर्राटे लेता है।

साइनस भी है वजह
खर्राटे की एक वजह साइनस बढ़ने से नाक के छिद्रों का जाम हो जाना भी हो सकती है। इतना ही नहीं, खर्राटे की ध्वनि बढ़ने पर भी नाक के रास्ते का प्रभाव पड़ता है। ऐसे में अगर आप साइनस के मरीज हैं तो सावधानियां हमेशा बरतें। यदि आपको जुकाम हुआ है या साइनस बढ़ने से परेशान हैं तो सोने के पहले भाप जरूर लें जिससे सारी गंदगी बाहर आ जाए और सांस लेने में आसानी हो।

तकिये पर भी दें ध्यान
अगर आप अपनी तकिया की खोल को समय-समय पर नहीं बदलते या साफ नहीं करते तो हो सकता है कि आप के खर्राटों की एक वजह यह भी हो। कई बार सिर से रूसी या बाल तकिया पर गिरे होते हैं जो कई सूक्ष्म जीवों के लिए जमीन तैयार कर देते हैं। जब हम सांस लेते हैं तो ये एलर्जी शरीर की श्वास संबंधी क्षमता को खत्म कर देती है जिससे निद्रा अश्वसन या स्लीप ऐपनीआ की समस्या होती है और खर्राटे तेज हो जाते हैं।

ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं
जब आपके शरीर में पानी की कमी होती है तो नाक के रास्ते की नमी सूख जाती है। ऐसे में साइनस हवा की गति को श्वास तंत्र में पहुंचने के बीच में सहयोग नहीं कर पाता। ऐसे में सांस लेना कठिन हो जाता है और खर्राटे की प्रवृत्ति बढ़ जाती है। ऐसे में पूरे दिन भरपूर मात्रा में पानी पीएं, सेहतमंद रहें और खर्राटे से कोसों दूर रहें। (mensxp.com)           
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