अगर आप अपने बच्चों को प्लास्टिक की बोतल से दूध पिलाते हैं तो इसका नुकसान जानने के बाद आप बोतल से दूध पिलाने में एक बार तो जरूर सोचेंगे।
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हाल में हुए एक अमेरिकी शोध के अनुसार, जिन नवजा शिशुओं को मां के दूध की जगह बोतल से दूध पिलाया जाता है उन्हें पेट से जुड़ा गंभीर रोग- हाइपरट्रोफिक पायलोरिक स्टेनोसिस (एचपीएस) होने की आशंका अधिक होती है। इस रोग में पेट और आंतों के बीच का रास्ता ब्लॉक हो जाता है जो नवजात शिशुओं के लिए जानलेवा हो सकता है।
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सीएटल चिल्ड्रेन्स हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं ने अपने शोध में माना है एचपीएस के मामले उन नवजात शिशुओं में अधिक देखे जाते हैं जो मां के दूध की जगह बोतल से दूध पीते हैं।
यह रोग आमतौर पर बच्चों को शुरुआती दो महीने में हो सकता है जिसके उपचार के लिए सर्जरी ही एक मात्र विकल्प है। यह रोग विश्व के प्रति हजार शिशुओं में से दो शिशुओं को होता है लेकिन इसकी ठोस वजह का पता अब तक नहीं चल पाया है।
शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया है कि एचपीएस के 19.5 प्रतिशत मामलों में बच्चे बोतल से दूध पीते हैं जबकि केवल नौ प्रतिशत मामलों में वे मां का दूध पीते हैं।
हालांकि शोधकर्ताओं का मानना है कि बोतल से दूध पीने वाले बच्चों को इस रोग की आशंका अधिक क्यों होती है, इसका अभी तक ठोस कारण नहीं मिल पाया है लेकिन यह तय है कि बोतल से दूध पीने वाले शिशुओं में इस समस्या की आशंका अधिक होती है।