एसिडिटी को अक्सर हम आम समस्या मान लेते हैं और लगातार इसको नजरअंदाज करते रहते हैं। इस पर काबू पाने के लिए खुद ही डॉक्टर बनना या व्यायाम करना आदत में शुमार हो जाता है।
अगर इसे नजरअंदाज किया जाए, तो खाने की नली में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी भी हो सकती है।
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आज के लाइफस्टाइल और तनाव भरे माहौल, समय पर भोजन न करना, दवाइयों का अधिक इस्तेमाल, व्यायाम न करना एसिडिटी की समस्या को बढ़ा देता है। इससे कैंसर, एनिमिया, खाने की नली में अल्सर, पेट में संक्रमण और पेट संबंधी रोगों का खतरा बढ़ सकता है।
इससे लीवर में सूजन, जलन, अपच, की नली में सूजन और अस्थमा जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं। अगर लंबे समय से एसिडिटी बन रही है, तो चिकित्सक से मिलें, समय पर भोजन लें।
अधिक देर तक भूखा रहने, जंक फूड लेने की प्रवृति से बचें। मसालेदार भोजन से परहेज करें, भोजन करते समय, टीवी, मोबाइल, कंम्प्यूटर से दूर रहें।
खट्टे फल, तंबाकू आदि से दूर रहें। सोते समय सिर को ऊंचा रखें। सुबह हल्का व्यायाम करें। अगर पेट पर फैट ज्यादा है, तो उसे कम करने के लिए अनावश्यक एक्सरसाइज न करें।
दवाएं भी एसिडिटी की समस्या पैदा करती हैं। इसलिए दवाओं के सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें, क्योंकि बहुत सी दवाएं, शरीर से आवश्यक मिनरल, कैल्शियम और आयरन के स्तर को कम कर देती हैं, जिससे एनीमिया हो सकता है। हल्का और कम मिर्च-मसाले का भोजन लें, तो ज्यादा अच्छा है।