क्या है फाइब्रोमायल्जिया?
फाइब्रोमायल्जिया, मांसपेशियों में होने वाला भयंकर दर्द है। इसमें होने वाला मस्कुलोस्केलेटल पेन बर्दाश्त से बाहर हो जाता है। जिसकी वजह से आप सही से नहीं सो पाते। आपका दिमाग और मूड दोनों ही इस बीमारी की वजह से प्रभावित हो जाता है। इस बीमारी में मस्तिष्क की कार्यप्रणाली भी प्रभावित होती है। कई बार यह समस्या शारीरिक चोट, सर्जरी, संक्रमण और अवसाद की वजह से भी हो जाती है। इस बीमारी की वजह से आप अवसाद में भी जा सकते हैं। घबराहट और खुद पर से नियंत्रण भी खो सकते हैं। यह एक ऐसी बीमारी है जिसका कोई इलाज नहीं है।
मेडिकेशन के जरिए इस बीमारी के लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है। एक्सरसाइज, रिलेक्सेशन और अवसाद से दूर रहकर इस बीमारी से बचा जा सकता है। अर्थोराइटिस इंडिया के मुताबिक, पूरी आबादी में से 0.5 से लेकर 2 फीसदी तक लोग ही इस बीमारी से जूझते हैं। महिलाओं, पुरुषओं के मुकाबले 3 से 7 गुणा ज्यादा इस बीमारी की शिकार होती हैं। इस बीमारी में पूरे बदन में दर्द होता है। शरीर के दोनों हिस्से में दर्द बरकरार रहता है। इतना दर्द होता है कि पेन किलर भी काम नहीं करती है।
फाइब्रोमायल्जिया के लक्षण
-कमजोरी
-थकान
-स्वास्थ्य में गिरावट
-नींद न आना
-चिंता और अवसाद
-भावनात्मक तौर पर कमजोरी
-शरीर में भयंकर दर्द
इस बीमारी की वजह को लेकर अभी डॉक्टर इतने स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। यानी यह बीमारी किस वजह से होती है इसे लेकर कोई पुख्ता प्रमाण मौजूद नहीं है। हालांकि इस बीमारी को अत्यधिक काम से जोड़ा जाता है। यह बीमारी वंशानुगत भी हो सकती है। इसके अलावा किसी तरह के संक्रमण, शारीरिक और मानसिक आघात पहुंचने पर भी फाइब्रोमायल्जिया सिंड्रोम के शिकार हो सकते हैं। इस बीमारी को अवसाद से भी जोड़ा जा सकता है। अगर आप किसी भी तरह का स्ट्रेस लेते हैं तो आपको यह बीमारी हो सकती है।