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Coronavirus: क्या होता है सीरो सर्वे, जिससे पता चलता है- कितना फैला कोरोना, कितनी विकसित हुई एंटीबॉडी?

Sat, 27 Jun 2020 03:57 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सीरो सर्वे की मदद से यह पता लगाया जाता है कि क्षेत्र में कोरोना वायरस का संक्रमण कितना फैला है(File photo)
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है कि दिल्ली में सीरोलॉजिकल सर्वे(sero survey in delhi) शुरू हो रहा है। इसे शॉर्ट में सीरो सर्वे भी कहा जाता है, जिसकी मदद से यह पता लगाया जाता है कि क्षेत्र में कोरोना वायरस का संक्रमण कितना फैला है, कितनी बड़ी आबादी इस वायरस की जद में आई है और कितनी आबादी में लोगों के अंदर इस वायरस से लड़ने के लिए इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो चुकी है या फिर उनके शरीर में एंटीबॉडी बन चुकी है। अभी पिछले दिनों आईसीएमआर ने भी देश के 24 हजार लोगों पर सीरो सर्वे कराया था। देश की राजधानी दिल्ली में तेजी से बढ़ते संक्रमण के बीच सरकार ने सीरो सर्वे कराने का फैसला लिया है। आइए जानते हैं, किस तरह से होगा सीरो सर्वे: 
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रेलवे स्टेशन पर ट्रेन आने का इंतजार करता एक परिवार(File Photo) - फोटो : PTI
  • कोरोना संक्रमण के फैलाव का पता लगाने के लिए दिल्ली के सभी जिलों में सीरोलॉजिकल सर्वे शुरू होने जा रहा है। सभी जिलों के डीएम ने इसके लिए अपने जिले के चीफ मेडिकल ऑफिसर यानी मुख्य स्वास्थ्य पदाधिकारियों के नेतृत्व में टीमें तैयार कर दी हैं। 
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सीरो सर्वे की मदद से यह पता लगाया जाता है कि क्षेत्र में कोरोना वायरस का संक्रमण कितना फैला है(File photo)
  • जिले की टीमें चुनिंदा इलाकों में जाकर लोगों के सैंपल कलेक्ट करेंगी। इन सैंपलों की जांच के नतीजों के आधार पर यह पता चलेगा कि कोरोना के खिलाफ लोगों में किस तरह एंटीबॉडी विकसित हो रही है और एंटीबॉडी विकसित होने की दर क्या है। सभी सैंपल्स की जांच के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार करके सरकार को सौंपी जाएगी।

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ब्लड सैंपल की जांच (File Photo) - फोटो : Pixabay
  • लोगों के ब्लड सैंपल की जांच करके महज आधे घंटे में यह पता लगाया जा सकेगा कि जिस व्यक्ति का सैंपल लिया गया है, उसके अंदर वायरस से लड़ने के लिए इम्यूनिटी विकसित हुई है या नहीं। सैंपल की जांच के लिए एक विशेष किट का इस्तेमाल किया जाएगा। फिलहाल आईसीएमआर ने भी राज्यों को सभी कर्मियों का एंटीजन टेस्ट कराने का निर्देश दिया है। 
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ब्लड सैंपल की जांच (File Photo) - फोटो : Social Media
  • विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित होता है, लेकिन उनमें लक्षण नहीं दिखते, तो ऐसे लोगों में 5-7 दिन के अंदर अपने आप एंटीबॉडी बनना शुरू हो जाती हैं, जो वायरस को शरीर में पनपने नहीं देती हैं। सीरो सर्वे का उद्देश्य इसी की दर पता करना होता है। 
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Coronavirus Test - फोटो : Social Media
दिल्ली में सीरो सर्वे
  • दिल्ली में कौन कौन से ऐसे इलाके हैं, जहां के लोगों में एंटीबॉडी विकसित हुई... ऐसी कितनी आबादी है, जहां लोगों को कोरोना हुआ और अपने आप ठीक भी हो गए... इन बातों का पता सीरो सर्वे के जरिए लगाया जाएगा। इससे वायरस के प्रसार और उसकी क्षमता का पता लगाने में भी मदद मिलेगी।
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कोरोना की जांच (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
हर जिले से 800 से 1000 सैंपल
  • सीरो सर्वे मे पूरी दिल्ली से करीब 20 हजार सैंपल किए जाएंगे। दिल्ली के हर जिले से 800 से 1000 के करीब सैंपल लिए जाएंगे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी की देखरेख में टीमें अलग-अलग इलाकों में जाएंगी और रैंडम तरीके से घरों को चुनकर सदस्यों के ब्लड सैंपल कलेक्ट करेंगी। सर्वे के लिए टीमें सिर्फ उन्हीं इलाकों में जाएंगी, जिनकी लिस्ट एनसीडीसी की तरफ से जिलों के डीएम को दी गई है।
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कोरोना की जांच (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
गृह मंत्रालय का निर्देश
  • गृह मंत्रालय के निर्देश पर नैशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल(NCDC) यह सर्वे करवा रही है। 27 जून से 10 जुलाई तक कराए जाने वाले इस सर्वे से पता चलेगा कि कोरोना वायरस के खिलाफ दिल्ली में किस स्तर तक हर्ड इम्यूनिटी विकसित हो चुकी है। 
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