प्रतीकात्मक तस्वीर
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बीबीसी ऑनलाइन हेल्थ एडिटर मिशेल रॉबर्ट्स कहती हैं, 'इस्तेमाल के लिए अपनाए जाने से पहले नए वैक्सीन के सुरक्षित होने को लेकर पूरी सावधानियां बरती जाती हैं और सभी मापदंडों का पालन किया जाता है।' बीबीसी ने कैरी से उनके दावों को लेकर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनकी तरफ से इस लेख के प्रकाशित होने तक कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आई है।
सबसे पहले इसे जून में यूट्यूब पर डाला गया था। वहां इसे तीन लाख से ज्यादा लोगों ने देखा है। अब इसे फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी खूब देखा जा रहा है। दक्षिण अफ्रीका की एक वैज्ञानिक सारा डाउंस बताती हैं कि उनकी मां ने सबसे पहले यह वीडियो उन्हें दिखाया था। उनकी मां जिस प्रेयर ग्रुप से जुड़ी हैं, वहां ये वीडियो शेयर किया गया था। उन्होंने इसके बाद इस ग्रुप में इस वीडियो में किए गए दावों की पोल खोलती अपनी जानकारियां शेयर कीं। वो कहती हैं, 'अब ग्रुप में सही-सही जानकारी उन लोगों को मिली है, जिसे लेकर मैं बहुत खुश हूं।'