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Heart Attack: पुरुष-महिला में अलग तरह के होते हार्ट अटैक के लक्षण, इन संकेतों को किया अनदेखा तो जा सकती है जान

Sun, 19 Jan 2025 01:43 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पुरुष हों या महिला सभी लोगों में हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है। अध्ययनों से पता चलता है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में हार्ट अटैक होने का खतरा अधिक देखा जाता है। पर क्या आप जानते हैं कि पुरुष और महिला में हार्ट अटैक के लक्षण अलग-अलग होते हैं?
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हृदय रोग और हार्ट अटैक का खतरा - फोटो : Freepik.com
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विस्तार
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हृदय रोग दुनियाभर में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक हैं। हृदय रोगों की गंभीर स्थितियों में हार्ट अटैक (दिल का दौरा) का खतरा बढ़ जाता है जिसे जानलेवा माना जाता है। अकेले साल 2021 के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि हार्ट अटैक के कारण 20 मिलियन (दो करोड़) से अधिक लोगों की मौत हो गई। पिछले कुछ वर्षों के डेटा देखें तो पता चलता है कि अब 30 से कम आयु के लोगों में भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता जा रहा है। इसके जोखिमों को देखते हुए सभी उम्र के लोगों को हृदय स्वास्थ्य पर गंभीरता से ध्यान देते रहना चाहिए।

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स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पुरुष हों या महिला सभी लोगों में हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है। अध्ययनों से पता चलता है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में हार्ट अटैक होने का खतरा अधिक हो सकता है। इतना ही नहीं हार्ट अटैक से मृत्यु का खतरा भी महिलाओं में अधिक होता है। 

पर क्या आप जानते हैं कि पुरुष और महिला में हार्ट अटैक के लक्षण अलग-अलग होते हैं?

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हृदय रोगों के मामले - फोटो : Freepik.com
पुरुषों और महिलाओं में हार्ट अटैक

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की रिपोर्ट के मुताबिक हर 40 सेकेंड में एक व्यक्ति हार्ट अटैक का शिकार हो रहा है। हृदय रोग पुरुषों और महिलाओं दोनों में मृत्यु का प्रमुख कारण है। जब किसी कारणवश रक्त का संचार आपके हृदय तक नहीं पहुंच पाता है या बाधित हो जाता है, तो इसके कारण हृदय की मांसपेशियों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है। ऑक्सीजन के बिना, कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होने लगती है और इनके डेड होने का खतरा रहता है। 

आइए जानते हैं कि पुरुष और महिला में हार्ट अटैक के क्या लक्षण होते हैं और कैसे इसकी पहचान की जा सकती है?

हार्ट अटैक की समस्या - फोटो : Freepik.com
हार्ट अटैक होने पर क्या होता है?

हार्ट अटैक की स्थिति में आपको अपनी छाती में दर्द, दबाव या असहजता महसूस हो सकती है। इसके अलावा आपको सांस लेने में तकलीफ, पसीना आने, बेहोशी या पेट में दर्द जैसी दिक्कतों का भी अनुभव  हो सकता है। कई बार छाती में होने वाला दर्द आपकी गर्दन, जबड़े या कंधों में दर्द तक भी फैल सकता है। हार्ट अटैक की स्थिति में पुरुषों को ठंडा पसीना आने और बाएं हाथ में दर्द महसूस होने की समस्या अधिक होती है।

पर पुरुषों और महिलाओं में लक्षण एक जैसे हों ये जरूरी नहीं है। आइए जानते हैं कि पुरुषों-महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षणों में कैसे अंतर किया जा सकता है?

हार्ट अटैक के लक्षण - फोटो : Freepik.com
महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण

महिलाओं में हार्ट अटैक के असामान्य लक्षण विकसित होने की आशंका अधिक होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कई मामलों में लक्षणों की सही तरीके से पहचान न हो पाने के कारण निदान में गलती हो सकती है जिसके कारण रोग की गंभीरता बढ़ने का खतरा अधिक देखा जाता रहा है। साल 2023 में किए गए अध्ययनों की समीक्षा के अनुसार हार्ट अटैक की स्थिति में पुरुष और महिला दोनों ही सीने में दर्द और बेचैनी की शिकायत करते हैं। हालांकि, महिलाओं में कुछ लक्षण अलग हो सकते हैं। 
  • शरीर के अलग-अलग हिस्सों में होने वाला दर्द
  • मतली और उल्टी
  • सांस फूलना
  • बहुत ज़्यादा पसीना आना
  • चक्कर आना
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हार्ट अटैक के संकेतों को जानिए - फोटो : Freepik.com
पुरुषों में कौन से लक्षण देखे जाते हैं?

पुरुषों में दिल के दौरे के लक्षणों में सीने में दर्द होना, सांस लेने में तकलीफ, हाथ, जबड़े, गर्दन या पीठ में दर्द  होना बहुत आम है। इसके अलावा सांस लेने में तकलीफ के मामले पुरुषों में अधिक देखे जाते हैं। इस तरह की दिक्कतों के साथ अगर आपको बहुत ज्यादा पसीना आने की समस्या हो रही है तो इस हार्ट अटैक माना जाता है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हार्ट अटैक एक आपातकालीन स्थिति है। इसके लक्षणों को देखते हुए समय रहते इलाज कराना बहुत आवश्यक हो जाता है। इलाज में देरी जानलेवा हो सकती है। 


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नोट:
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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