महिलाओं में कैंसर के मामले
- फोटो : Freepik.com
महिलाओं में कैंसर का खतरा अधिक
कैंसर के मामलों को लेकर सामने आई
एक रिपोर्ट से पता चलता है कि पुरुषों की तुलना में महिलाएं इस गंभीर रोग का शिकार अधिक हो रही हैं। अमेरिकन कैंसर सोसाइटी ने एक रिपोर्ट में बताया कि 50 की आयु तक की 17 में से 1 महिला को कैंसर होने का खतरा रहता है। वहीं पुरुषों में ये दर 29 में से एक है।
कैंसर रोग विशेषज्ञ कहते हैं जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती जाती है इस गंभीर रोग का खतरा भी बढ़ जाता है।
कैंसर की मृत्युदर में आई कमी
अध्ययन की रिपोर्ट बताती है कि मेडिकल क्षेत्र में नवाचार और कारगर इलाज-दवाओं के चलते कैंसर से होने वाली मौतों की दर जरूर कम हुई है पर अब भी ये बड़ा जोखिम बना हुआ है। इस
रिपोर्ट में जिक्र मिलता है कि कैंसर से जुड़ी मौतों में 1991 और 2022 के बीच 34% की गिरावट हुई है।
इसे इतर अब भी लगभग 40% लोगों को उनके जीवनकाल में कभी न कभी घातक प्रकार के कैंसर का जोखिम हो सकता है। यू.एस. में हृदय रोगों के बाद कैंसर अब भी मृत्यु का दूसरा सबसे बड़ा कारण बना हुआ है।
महिलाओं में कैंसर का खतरा
- फोटो : Freepik.com
क्या कहती हैं विशेषज्ञ?
अमेरिकन कैंसर सोसाइटी की वरिष्ठ वैज्ञानिक और अध्ययन के प्रमुख लेखकों में से एक रेबेका सीगल बताती हैं, पहले की तुलना में अब कैंसर के मामलों का समय पर निदान और इलाज आसानी से हो जाता है जिसके कारण वैश्विक स्तर पर मृत्युदर जरूर कम हुई है हालांकि अब भी ये बड़ी चिंता का कारण है।
शोधकर्ताओं ने जब कैंसर के विशिष्ट प्रकारों को समझने की कोशिश की तो कुछ नए रुझान सामने आए। इसमें पाया गया है कि 65 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं में अब पुरुषों की तुलना में फेफड़ों के कैंसर का निदान अधिक किया जा रहा है। इतना ही नहीं कई अन्य प्रकार के कैंसर (मुंह का कैंसर तथा महिलाओं में गर्भाशय और लिवर कैंसर) पहले की तुलना में अधिक लोगों की जान ले रहे हैं।
कैंसर के कारण औऱ इसके बचाव
- फोटो : Freepik.com
भारत में कैंसर का निदान और खतरा
कैंसर की रोकथाम और इसके मृत्युदर को कम करने में भारतीय आबादी को बड़ी सफलता मिली है। साल 2024 के आखिरी
'मन की बात' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैंसर को लेकर किए गए प्रयासों की भी खूब तारीफ की। द लैंसेट के अध्ययन रिपोर्ट की जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में अब समय पर इस रोग का इलाज शुरू होने का संभावना पहले की तुलना में काफी बढ़ गई है, जो इस बीमारी के कारण होने वाली मृत्युदर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
प्रधानमंत्री ने कहा, कैंसर के इलाज को आसान बनाने में आयुष्मान भारत योजना की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण रही है। इसकी मदद से कैंसर के 90 प्रतिशत मरीज समय पर इलाज प्राप्त कर रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना ने कैंसर के इलाज को लेकर होने वाले खर्च की टेंशन को काफी कम कर दिया है। इलाज को लेकर पहले की तुलना में अब लोग काफी जागरूक भी हुए हैं।
--------------
स्रोत और संदर्भ़
Cancer statistics, 2025
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।