फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बार-बार हो सिरदर्द तो हल्के में न लें, हो सकता है माइग्रेन

विज्ञापन
बार-बार सिर में दर्द माइग्रेन का कारण हो सकता है
विज्ञापन
यदि बार-बार सिरदर्द हो रहा है तो इसे हल्के में न लें। यह माइग्रेन का कारण हो सकता है। माइग्रेन के वार से सावधान रहने की जरूरत है। माइग्रेन सिर के केवल एक तरफ को प्रभावित करता है। दवाएं लेना माइग्रेन को कम दर्दनाक बना सकता है। यह आमतौर पर प्रारंभिक वयस्कता, किशोरावस्था या बचपन में शुरू होता है। जनपद कन्नौज के तिर्वा मेडिकल कालेज के मनोचिकित्सक बताते हैं कि पिछले कुछ माह से हर माह औसतन करीब ३०० मरीज माइग्रेन से जुड़े पहुंच रहे हैं।  

 

विज्ञापन
Trending Videos

मानसिक रोग विशेषज्ञ डा. नवनीत कुमार - फोटो : Amar Ujala

मानसिक रोग विशेषज्ञ डा. नवनीत कुमार ने बताया कि लगभग 200 से ज्यादा तरह के सिरदर्द होते हैं। इसमें तनाव, डिप्रेशन और अन्य मानसिक कारणों की वजह से सिरदर्द शामिल हैं। दूसरा प्रमुख सिरदर्द है माइग्रेन। प्राइमरी सिरदर्द माइग्रेन, कलस्टर सिरदर्द, तनाव का सिरदर्द, इनका कोई ज्ञात कारण नहीं होता और यह कम खतरनाक होता हैं। माइग्रेन का दर्द पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज्यादा होता है।माइग्रेन विश्व का तीसरा सबसे आम रोग है। 
एक अध्ययन के मुताबिक, माइग्रेन एक ऐसा न्यूरोलॉजिकल डिसॉर्डर है, जिससे वैश्विक स्तर पर हर सातवां व्यक्ति पीडि़त है। भारत में 15 करोड़ लोग माइग्रेन की गिरफ्त में हैं। भारतीय महिलाएं इस बीमारी से ज्यादा पीडि़त हैं। 24 फीसदी पुरुषों की तुलना में 76 फीसदी महिलाएं माइग्रेनग्रस्त हैं। 18 से 29 के बीच के लगभग 35 फीसदी युवा पीडि़त हैं। लगभग 30 फीसदी मरीज क्रॉनिक स्थिति वाले हैं। माइग्रेनग्रस्त लोगों में से 70 फीसदी में मानसिक तनाव, 46 फीसदी में उपवास, 52 फीसदी में यात्रा, 44 फीसदी में नींद की गडबड़ी, 13 फीसदी में मासिक धर्म की अनियमितता, 10 फीसदी में मौसम का बदलाव दर्द का कारण बनते दिखाई दिए। लगभग 34 फीसदी मरीजों में दौरे पडऩे के पीछे एक साथ कई कारण शामिल थे। बढ़ती उम्र के साथ माइग्रेन का दर्द कम होता पाया गया है।
 
 

योग से सिर के दर्द में आराम मिलता है - फोटो : social media
योग-प्राणायाम करें
माइग्रेन के रोगियों के लिए योग और प्राणायाम बड़े काम के साबित हो सकते हैं। हस्तपादासन, सेतुबंधासन, मर्जरासन, शिशु आसन पश्चिमोत्तानासन, पद्मासन, शशांकासन, हलासन, मत्स्यासन और शवासन माइग्रेन में विशेष लाभ पहुंचाते हैं। प्राणायामों में कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी करने चाहिए। इसी के साथ जलनेति भी करें। वास्तव में योग से प्रतिरोधक शक्ति भी बढ़ती है और माइग्रेन को ठीक करने में मदद मिलती है।
 
 
विज्ञापन

- फोटो : social media
बचाव
 सिर दर्द के मरीजों को ज्यादा देर भूखा नहीं रहना चाहिए। तेज धूप या हवा से बचाव भी जरूरी है।ज्यादा देर तक टीवी, कंप्यूटर, मोबाइल गेम्स या कान में लीड लगाकर म्यूजिक नहीं सुनना चाहिए।ज्यादा ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक्स से भी सिर दर्द की शुरुआत हो सकती है।दिन में दो-तीन बार चाय या काफी लाभकारी है।तनावमुक्त रहें और नियमित मेडिटेशन करें।अधिक पानी पिएं, अपनी मर्जी से दवाइयां न लें।
काम के घरेलू उपाय
अदरक के कुछ टुकड़े खाएं। इससे मिचली की समस्या में भी राहत मिलती है।सिर दर्द वाले हिस्से में पिपरमिंट के तेल की मालिश करने से राहत मिलती है।दर्द हो तो बिस्तर पर लेटकर सिर को बेड से थोड़ा नीचे लटकाएं और जिस हिस्से में दर्द हो, उस तरफ की नाक में सरसों के तेल या गाय के घी की तीन-चार बूंदें टपकाएं। प्राकृतिक चिकित्सकों के अनुसार, नाक से कुछ दिनों तक नियमित भाप लिया जाए, तो  माइग्रेन ठीक हो सकता है। सिर, गर्दन और कंधों की मालिश कराएं। सिर, माथे और गर्दन पर तौलिया में बर्फ रखकर सिंकाई करें, आराम मिलेगा।


 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें