सर्वाइकल कैंसर को लेकर अभियान
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सर्वाइकल कैंसर को लेकर क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
डॉ. जी.के. रथ ने भारतीय ऑन्कोलॉजी में अपने व्यापक अनुभव और योगदान के साथ, विशेषकर वंचित आबादी के बीच सर्वाइकल कैंसर के समाधान की तात्कालिकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "सर्वाइकल कैंसर का प्रसार एक गंभीर मुद्दा है, विशेष रूप से समाज के वंचित वर्गों के बीच। कार्किनोस हेल्थकेयर और कैपेड ट्रस्ट की यह पहल समय पर और आवश्यक है, जो उन लोगों को आवश्यक निवारक देखभाल प्रदान करती है जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।"
डॉ. हरि सगीराजू ने कहा, सर्वाइकल कैंसर की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए शुरुआती जांच और टीकाकरण समय की मांग है। यह पहल न केवल टीकाकरण के माध्यम से तत्काल राहत प्रदान करती है, बल्कि समुदाय को शिक्षित भी करती है, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ता है।
कैप्ड ट्रस्ट की सीईओ सुश्री मृदु गुप्ता ने कहा, “हमारा मिशन भारत से सर्वाइकल कैंसर को खत्म करना है। यह पहल यह सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण कदम है कि सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ लड़ाई में कोई भी किशोर लड़की पीछे न रह जाए। यह निवारक स्वास्थ्य देखभाल और सामुदायिक सशक्तिकरण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का उदाहरण है।''
इस पहल के माध्यम से, कार्किनोस हेल्थकेयर और कैप्ड ट्रस्ट का लक्ष्य एक ऐसे भविष्य की नींव रखना है जहां भारत में सर्वाइकल कैंसर का कोई खतरा न रहे, और इसके निवारण और उपचार के लिए एक स्थायी और दीर्घकालिक समाधान प्रदान किया जा सके।
यहां जानना जरूरी है कि कार्किनोस हेल्थकेयर सामान्य कैंसर का शीघ्र पता लगाने और निदान के लिए एक उद्देश्य-संचालित प्रौद्योगिकी-आधारित ऑन्कोलॉजी हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म है। संगठन व्यक्तियों के घरों के करीब व्यापक कैंसर देखभाल प्रदान करने के लिए पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों और डोमेन विशेषज्ञों के नेटवर्क के साथ काम करते हुए एक वितरित कैंसर देखभाल नेटवर्क के उपयोग का समर्थन करता है।
कैंसर जागरूकता, रोकथाम और प्रारंभिक जांच (सीएपीईडी) ट्रस्ट (www.capedindia.org) एक सामुदायिक आउटरीच संगठन है जो 2014 से कैंसर की रोकथाम और प्रारंभिक पहचान, विशेष रूप से गर्भाशय ग्रीवा कैंसर पर केंद्रित है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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