स्टाइपेंड देकर ट्रेनिंग से जोड़ने पर फोकस
कारीगरों और शिल्पकारों को ट्रेनिंग से जोड़ने के लिए बाकायदा प्रतिदिन 500 रुपये स्टाइपेंड दिया जा रहा है। इसका मकसद उनकी दिहाड़ी भी उनको मिले और उनका कौशल विकास भी हो जाए। जरूरतमंद युवा बिना गारंटी के दो चरणों में पांच फीसदी ब्याज दर पर 3 लाख रुपये तक का लोन भी ले सकते हैं।
इन 18 ट्रेड को पीएम विश्वकर्मा में जगह
सरकार ने पीएम विश्वकर्मा में बढ़ई (सुथार),नाव निर्माता,शस्त्रकार, लोहार,हथौड़ा और औजार निर्माता, ताला बनाने वाला सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, पत्थर तराशने और तोड़ने वाला, मोची (चर्मकार), राजमिस्त्री, टोकरी बनाने वाला, चटाई निर्माता, नारियल की जटा बुनने वाला, झाड़ू लगाने वाला, लुहार आदि को शामिल किया है।