झारखंड के जमशेदपुर से एक बाल आश्रय गृह में दो नाबालिग लड़कियों से यौन शोषण किए जाने की खबर सामने आई है। इस मामले में पुलिस ने बुधवार (16 जून) को मध्यप्रदेश के सिंगरौली के माडा से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान जमशेदपुर के टेल्को थाना क्षेत्र स्थित ‘मदर टेरेसा वेलफेयर ट्रस्ट’ के संचालक हरपाल सिंह थापर, जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष पुष्पा रानी तिर्की, वार्डन गीता देवी व उसके पुत्र आदित्य सिंह और टोनी डेविड के रूप में हुई है।
लापता 2 बच्चियों का अभी तक नहीं लग सका है पता
जमशेदपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एम तमिलवनन ने बताया कि सूचना मिलने पर आरोपियों द्वारा संचालित महिला आश्रय गृह की दो नाबालिग लड़कियों द्वारा यौन शोषण एवं उत्पीड़न की प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के आठ दिनों के भीतर ही बुधवार को पुलिस ने मध्यप्रदेश के सिंगरौली में छापा मारकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस टीम उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर जमशेदपुर लाई है। उन्होंने बताया कि आरोपियों के बाल आश्रय गृह से 40 बच्चों को जमशेदपुर के ही दूसरे आश्रय गृह में भेजे जाने के दौरान उनमें से दो बच्चियां बीते शुक्रवार को लापता हो गई थीं। इन बच्चियों का अभी तक पता नहीं लग सका है।
स्थानांतरण के दौरान लड़कियां हुई लापता
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने 11 जून को आश्रय गृह के सभी 24 अल्पवयस्क लड़कियों एवं 16 लड़कों को जिले के दूसरे बाल आश्रय गृह ‘बाल कल्याण आश्रम’ में स्थानांतरित करवाया था, लेकिन इस दौरान दो नाबालिग लड़कियां लापता हो गई थीं, जिनका अब तक पता नहीं चल सका है।
उच्चस्तरीय जांच के लिए 11 सदस्यीय टीम का हुआ गठन
जमशेदपुर के उपायुक्त सूरज कुमार ने पिछले सप्ताह बताया था कि उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए 11 सदस्यीय समिति का गठन किया है जिसमें पुलिस, प्रशासन एवं सभी संबद्ध विभागों के अधिकारी शामिल हैं, लेकिन बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए 11 जून की शाम ही उन्हें दूसरे बाल आश्रय गृह ‘बाल कल्याण आश्रम’ स्थानांतरित कर दिया गया।
नाबालिगों ने लगाया है आरोपियों पर गंभीर आरोप
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एम. तमिलवानन ने बताया कि दोनों नाबालिगों ने संचालक समेत अन्य पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसकी जांच हो रही है। जमशेदपुर की बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष पुष्पा रानी तिर्की को मामले में नामजद किए जाने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटाने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों और अनेक संगठनों ने उपायुक्त सूरज कुमार को पत्र भेजा है।