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Jharkhand: संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के बाद 'सहिया' भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, मानदेय बढ़ाने की है मांग

Mon, 23 Jan 2023 06:46 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

सचिव माया सिंह ने बताया कि प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री को अपनी मांग से संबंधित छह सूत्री चार्टर सौंपा था, लेकिन उसपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसके बाद मजबूरहोकर राज्य भर से 42,000 से अधिक सहियाओं(आशा कार्यकर्ताओं) ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। 
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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झारखंड में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के बाद अब राज्य के सहिया (आशा कार्यकर्ता) सोमवार से अनिश्चित कालीन धरने पर चली गईं है। जानकारी के मुताबिक, झारखंड भर की 42,000 से अधिक सहिया (आशा कार्यकर्ता) अपने पारिश्रमिक में बढ़ोतरी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही हैं। 

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झारखंड प्रदेश स्वास्थ्य सहिया संघ (जेपीएसएसएस) की सचिव माया सिंह ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को राज्य के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर प्रदर्शन किया। साथ ही प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को ब्लॉक स्तर पर रैली निकालने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ता राज्य में पिछले 16 सालों से काम कर रही हैं, लेकिन उन्हें केवल 2,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि ही मिलती है। आज जब इतनी महंगाई बढ़ गई है तो इतने रुपये में एक परिवार को दो वक्त की रोटी भी नहीं मिल सकती। 

सचिव माया सिंह ने बताया कि प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री को अपनी मांग से संबंधित छह सूत्री चार्टर सौंपा था, लेकिन उसपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसके बाद मजबूरहोकर राज्य भर से 42,000 से अधिक सहियाओं(आशा कार्यकर्ताओं) ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। 
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ये हैं आशा कार्यकर्ताओं की मांग
जेपीएसएसएस ने मांग की है कि सहियाओं को प्रोत्साहन राशि के बजाय प्रतिमाह 18 हजार रुपये और सहिया साथियों को 24 हजार रुपये का निश्चित मानदेय दिया जाए। साथ ही सहियाओं को ईपीएफ और पेंशन का लाभ देने के साथ ही उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा भी दिया जाए। 

संविदा कर्मचारी करेंगे आमरण अनशन
इस बीच, अपनी नौकरी नियमित करने की मांग को लेकर 17 जनवरी से धरने पर बैठे संविदा कर्मचारियों ने मंगलवार से आमरण अनशन पर जाने का फैसला किया है। एएनएम/जीएनएम एसोसिएशन की राज्य सचिव वीना कुमारी ने इसके बारे में जानकारी दी। स्वास्थ्य कर्मियों के मुद्दे को लेकर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने जमशेदपुर में बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि वह इस मुद्दे को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सामने उठाएंगे। 

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