मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी उम्मीद जताई की विधानसभा में सत्र के दौरान सभी पार्टियां राज्य के मुद्दों के समाधान पर प्रभावी ढंग से सहयोग करेंगी। वहीं दूसरी तरफ विपक्ष ने भ्रष्टाचार, कानून एवं व्यवस्था , बांग्लादेशी घुसपैठ और सरकार द्वारा वादों को पूरा न करने जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बनाई।
झारखंड विधानसभा का छह दिवसीय मानसून सत्र आज से शुरू हो गया। पहले दिन उन प्रसिद्ध लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए खत्म हुआ, जिनका हाल ही में निधन हुआ है। इस दौरान सदन में मौजूद सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन भी रखा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुए भगदड़ में जान गंवाने वालों और पश्चिम बंगाल में रेल हादसे पर भी श्रद्धांजलि दी गई। सदन ने झारखंड के पहले ऊर्जा मंत्री लालचंदमहतो, बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी, अर्थशास्त्री रमेश शरण, अंतरराष्ट्रीय एथलीट बुधवा ओरांव और अन्य के योगदान को याद किया। इसके बाद सत्र को 29 जुलाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
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इस बीच स्पीकर रबींद्र नाथ महतो ने सुबह 11 बजे सदन की बैठक के बाद बताया कि सत्र के दौरान, 2024-25 के लिए पहला अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। इसके साथ कई विधेयक भी पेश किए जाएंगे। अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने सुबह 11 बजे सदन की बैठक के बाद जानकारी दी। उन्होंने सदस्यों के बीच मतभेद होने के बावजूद सदन में सभ्य तरीके से डिबेट होने की उम्मीद जताई।
स्पीकर ने कहा, "जनता ने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को मौका दिया है। यह सच है कि लोकतंत्र में सहमति और असहमति साथ-साथ मिलती है।" उन्होंने कहा, "मानसूत्र सत्र थोड़ा छोटा, लेकिन महत्वपूर्ण है।" राज्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाले गठबंधन के सहयोगियों ने विधानसभा सत्र के दौरान रमनीति तैयार करने के लिए गुरुवार को एक बैठक की। उन्होंने उम्मीद जताई कि विपक्ष सदन की कार्रवाई सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करेगा।
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विपक्ष ने इन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बनाई
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी उम्मीद जताई की विधानसभा में सत्र के दौरान सभी पार्टियां राज्य के मुद्दों के समाधान पर प्रभावी ढंग से सहयोग करेंगी। वहीं दूसरी तरफ विपक्ष ने भ्रष्टाचार, कानून एवं व्यवस्था , बांग्लादेशी घुसपैठ और सरकार द्वारा वादों को पूरा न करने जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बनाई। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पार्टी विधायक विधानसभा में संथाल परगना में जनसंख्या संबंधी बदलाव का मुद्दा उठाएंगे।
स्पीकर रबींद्र नाथ ने भी बुलाई बैठक
मरांडी ने दावा करते हुए कहा, संथाल परगना में जनजातीय जनसंख्या 2011 में 44.67 से घटकर 28 फीसदी हो गई। वहीं मुस्लिमों की जनसंख्या में 9.44 फीसदी से बढ़कर 22.73 फीसदी हो गई। स्पीकर रबींद्र नाथ ने छह दिवसीय मानसून सत्र के दौरान सदन का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए गुरुवार को बैठक बुलाई थी। विधानसभा अध्यक्ष ने दो विधायकों को अयोग्य करार दिया है। इन विधायकों में झामुमो लोबिन हेम्ब्रोम और कांग्रेस के जय प्रकाश भाई पटेल का नाम शामिल है। इन्हें 26 जुलाई से प्रभावी दलबदल विरोधी कानून के तहत आयोग्य करार दिया गया है।