सुप्रीम कोर्ट ने धनबाद कोर्ट के जज-8, उत्तम आनंद की मौत के मामले पर झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को सीबीआई जांच की साप्ताहिक निगरानी करने को कहा था। शीर्ष अदालत ने कहा था कि देश में ऐसा माहौल तैयार करने की जरूरत है जहां न्याय प्रणाली से जुड़े लोग सुरक्षित महसूस कर सकें।
इससे पहले जज आनंद की मौत पर झारखंड कोर्ट ने एसआईटी जांच का आदेश दिया था। लेकिन बाद में झारखंड सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी।
शीर्ष अदालत ने सीबीआई और आईबी को लगाई थी फटकार
शीर्ष अदालत ने बीते 6 अगस्त को कहा था कि देशभर में जजों को आए दिन धमकी भरे संदेश मिल रहे हैं। लेकिन खुफिया विभाग (आईबी) और केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) न्यायपालिका का सहयोग नहीं कर रहे। न्यायिक अधिकारियों के लिए ऐसी शिकायत करने की भी आजादी नहीं है।
कई आपराधिक मामलों में जिनमें हाई प्रोफाइल शख्स या गैंगस्टर शामिल होते हैं, उनमें निचली अदालतों और हाई कोर्ट के जजों को भी धमकियां दी जाती हैं। जजों को व्हाटसएप और फेसबुक के जरिये धमकाया जाता है। इसकी वजह से वे जबर्दस्त मानसिक दबाव के बीच काम करने को मजबूर हैं।