पुलिस अधीक्षक मनोज रतन ने बताया कि 32 वर्षीय पीएलएफआई सदस्य नंद किशोर महतो मंगलवार सुबह हजारीबाग मुफस्सिल थाना के लॉकअप के शौचालय में फंदे से लटका पाया गया।
झारखंड के हजारीबाग जिले के एक पुलिस थाने में प्रतिबंधित नक्सली संगठन के एक सदस्य की हिरासत में मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक ने बुधवार को कहा कि उन्होंने मुख्य जिला एवं सत्र न्यायाधीश को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच उनके द्वारा कराई जा सकती है।
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पुलिस अधीक्षक मनोज रतन चोठे ने बताया कि 32 वर्षीय पीएलएफआई सदस्य नंद किशोर महतो मंगलवार सुबह हजारीबाग मुफस्सिल थाना के लॉकअप के शौचालय में फंदे से लटका पाया गया। महतो पर हजारीबाग जिले के बड़कागांव और केरेदारी थाना क्षेत्रों में संचालित एनटीपीसी, ओएनजीसी और निर्माण कंपनियों से रंगदारी वसूलने का आरोप था। पुलिस ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था, जिसने उसे 25 और 26 अप्रैल की दरम्यानी रात को गिरफ्तार किया।
पुलिस अधीक्षक ने संवाददाताओं से कहा कि चूंकि यह हिरासत में मौत का मामला था, इसकी सूचना प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्य प्रकाश सिन्हा को एनएचआरसी के दिशानिर्देशों के अनुसार लिखित रूप में दी गई थी। एसपी ने कहा कि आरोपी को पुलिस हिरासत में प्रताड़ित नहीं किया गया।