दुमका के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) विजय कुमार ने बताया कि तीन आरोपियों की पहचान कर ली गई है और आरोपियों को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। डीएसपी ने कहा, लड़की नाबालिग है... प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। तीन आरोपियों की पहचान कर ली गई है, जबकि अन्य की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
अधिकारी ने कहा कि पीड़िता को काउंसलिंग के लिए बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष पेश किया गया। उन्होंने कहा, 'आरोपियों को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद हम इस बात की पुष्टि कर पाएंगे कि आरोपी नाबालिग हैं या नहीं।'
सामूहिक दुष्कर्म की यह कथित घटना 25 सितंबर को दुमका के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में हुई। जब गांव में पंचायत आयोजित करे इस मुद्दे को हल करने का प्रारंभिक प्रयास विफल हो गया, तो पीड़िता ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ पुलिस स्टेशन से संपर्क किया और शनिवार को एक दिन पहले शिकायत दर्ज कराई।
पीड़िता 10वीं कक्षा की छात्रा है और आदिवासी समुदाय से है। सीडब्ल्यूसी के सदस्य अमरेंद्र कुमार ने भी पुलिस के बयान की पुष्टि की। उन्होंने कहा, 'मामला दर्ज करने में काफी समय लगा। लड़की ने सीडब्ल्यूसी के समक्ष अपना बयान दर्ज करा दिया है। सीडब्ल्यूसी सदस्य ने दुमका में हो रही ऐसी घटनाओं पर चिंता जताई।'
कुमार ने कहा, 'उसके बयान के अनुसार उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया।' उन्होंने कहा कि दुमका में इस तरह की कई घटनाएं हो रही हैं। यह चिंता का विषय है।