झारखंड उच्च न्यायालय ने अपराधियों से जब्त हथियारों के रखरखाव एवं उन्हें नष्ट किये जाने की प्रक्रिया के बारे में स्पष्टीकरण के लिए राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और गृह सचिव को गुरुवार को न्यायालय के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति केपी देव की पीठ ने एक याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए राज्य के गृह सचिव एवं डीजीपी को इस सिलसिले में तलब किया है। अदालत ने राज्य सरकार के इन अधिकारियों से पूछा है कि दोषियों को सजा मिलने के बाद जब्त हथियारों को नष्ट करने की क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है।
राज्य में कितने, कब एवं किस तरह के हथियार बरामद किए गए हैं। दोनों अधिकारियों को इसकी विस्तृत रिपोर्ट के साथ एक नवंबर को न्यायालय के समक्ष पेश होने को कहा गया है।