झारखंड में असिस्टेंट इंजीनियरों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। 634 असिस्टेंट इंजीनियरों की नियुक्ति जल्द होगी। इस नियुक्ति में गरीब सवर्णों को 10% आरक्षण मिलेगा। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने सिंगल बेंच के आदेश को खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया है। जस्टिस रोंग मुखोपाध्याय और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने इस मामले में एकल पीठ के आदेश को खारिज करते हुए नियुक्ति का रास्ता साफ कर दिया।
साथ ही जेपीएससी को जल्दी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया। पिछले दिनों हाईकोर्ट ने सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। सिंगल बेंच ने अपने आदेश में कहा था कि वर्ष 2019 में सवर्णाों को आरक्षण दिए जाने का कानून लागू किया गया था। इसलिए इससे पहले की नियुक्ति में इस आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता।
डबल बेंच ने सिंगल बेंच के आदेश को खारिज किया
बेंच ने इस नियुक्ति प्रक्रिया को गलत बताते हुए इस रद्द कर दिया था। साथ ही जेपीएससी को फिर से विज्ञापन निकालने का आदेश दिया था। इसके बाद सिंगल बेंच के इस फैसले के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट की डबल बेंच में अपील की गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए डबल बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले को खारिज कर जेपीएससी को नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया।
आरक्षण देना सरकार का अधिकार- हाईकोर्ट
सिंगल बेंच ने आर्थिक रूप से गरीब सवर्णों को नियुक्ति में 10 प्रतिशत आरक्षण देने को यह कहते हुए निरस्त कर दिया था कि सरकार आरक्षण का नियम लागू होने के बाद नई नियुक्तियों में ऐसा कर सकती है, जबकि सरकार ने इस कानून के लागू होन के पहले रिक्त पदों पर आरक्षण दे दिया था। इसके बाद जेपीएससी ने इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस पर खंडपीठ ने कहा कि आरक्षण देना सरकार का अधिकार है।