झारखंड हाई कोर्ट ने गुरुवार को राज्य सरकार को एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देते हुए कहा कि इसमें यह स्पष्ट किया जाए कि 2016 का बिनय महतो हत्याकांड का मामला सीबीआई को क्यों नहीं सौंपा जाए। रांची के एक स्कूल के छात्र महतो की 5 फरवरी, 2016 को शिक्षकों के आवासीय क्वार्टर के बाहर परिसर में हत्या कर दी गई थी।
लड़के के पिता मनबहल महतो ने 2018 में अपने बेटे की मौत की स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। पुलिस ने शुरुआती जांच में सुझाव दिया था कि स्कूल में हिंदी की शिक्षिका नाजिया हुसैन, उनके पति आरिफ अली अंसारी और उनके दो किशोर बच्चे कथित तौर पर हत्या में शामिल थे।
हुसैन के बच्चों को किशोर न्याय बोर्ड ने बरी कर दिया है, जबकि वह और उनके पति जमानत पर बाहर हैं। मनबहल महतो के वकील जितेंद्र सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि जांच की प्रक्रिया में घोर अनियमितताएं दर्ज की गई हैं। दलीलों को सुनने के बाद न्यायाधीश एसके द्विवेदी ने सरकार से शपथपत्र दाखिल करने को कहा।