झारखंड में जमशेदपुर की एक स्कूल छात्रा ने अपनी पॉकेट मनी का इस्तेमाल करके स्कूल में शौचालय बनाया। छात्रा मोनड्रिता चटर्जी ने बताया कि 2014 में मुझे प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन के भाषण से पता चला कि बहुत सारी लड़कियां स्कूल में शौचालय न होने की वजह से स्कूल छोड़ रही हैं।
मोनड्रिता चटर्जी
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मोनड्रिता चटर्जी ने बताया कि मैंने 2014 से पॉकेट मनी बचाना शुरू की और 2016 तक मेरे पास 24,000 रुपए थे।मैंने अपने मम्मी-पापा को इसके बारे में बताया तो उन्होंने स्थानीय प्रशासन से बात की और उन्होंने मदद की।हमने मिशन की शुरूआत एक गांव में 2 शौचालय बनाकर की। इस गांव में करीब 300-350 लोग रहते हैं।