झारखंड मे मेदिनीनगर में सात महीने पहले लापता हुई 17 वर्षीय युवती के मामले में नया खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, युवती की बड़ी बहन उसे देह व्यापार में धकेलना चाहती थी। जबरन उसे ग्राहकों को पास भेजती थी। विरोध करने पर युवती की हत्या कर दी गई और शव को दफना दिया गया। हत्या के कई दिनों बाद पुलिस ने शव को बरामद किया, युवती की पहचान के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें हत्या की पुष्टि हुई।
दो बहनें व उसका पति करवाता था देह व्यापार
पुलिस का कहना है कि युवती पांच बहनों में चौथे नंबर की थी। उसके माता-पिता दोनों की मृत्यु हो चुकी थी। इसलिए युवती सुदना में अपनी सबसे बड़ी बहन राखी के पास रहती थी, जो देह व्यापार में लिप्त थी। युवती की एक और दूसरे नंबर की बहन रूपा का पति धनंजय बड़ी बहन राखी की देह व्यापार में मदद करता था। दोनों मिलकर युवती को देह व्यापार में धकेलना चाहते थे और उसे जबरन ग्राहकों के पास भेजते थे।
दो प्रेमियों से करवाती थी छोटी बहन का रेप
पुलिस ने बताया कि युवती की सबसे बड़ी बहन राखी के दो प्रेमी प्रताप कुमार व नीतीश थे। राखी इन दोनों से अपनी छोटी बहन का रेप करवाती थी। दोनों अक्सर राखी के घर आया करते थे और जबरन युवती के साथ दुष्कर्म करते थे। मृतका एक अन्य युवक से प्यार करती थी और उसी से शादी भी करना चाहती थी, जिसका राखी विरोध कर रही थी।
हत्या से दो दिन पहले प्रताप पहुंचा था राखी के घर
17 वर्षीय युवती की हत्या से दो दिन पहले राखी का एक प्रेमी प्रताप उसके घर पहुंचा। उस समय राखी घर में नहीं थी। प्रताप ने उसकी छोटी बहन के साथ रेप किया। विरोध करने पर उसने युवती को जान से मार दिया। राखी जब घर लौटी तो उसने छोटी बहन को मृत पाया। इसके बाद राखी, रूपा, धनंजय, प्रताप व नीतीश ने मिलकर युवती के शव को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया और एक सूनसान जगह जाकर उसके शव को दफना दिया।
सुनाई आत्महत्या की कहानी
हत्या के कई दिनों बाद मृतक युवती का एक पैर जमीन से बाहर निकला दिखा। इसके बाद पुलिस ने कब्र खुदवाकर शव को बाहर निकाला और शव की पहचान की गई। पहचान होने के बाद राखी व अन्य साथियों ने आत्महत्या की कहानी पुलिस को सुनाई, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने पूछताछ शुरू की और हत्या की पुष्टि हुई। पुलिस का कहना है कि इस मामले में राखी, रूपा, धनंजय व प्रताप को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं एक और आरोपी नीतीश फरार है।