झारखंड सरकार द्वारा आयोजित 'पेंशन जयघोष महासम्मेलन' में बोलते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार सभी वर्गों की सामाजिक सुरक्षा के प्रति संवेदनशील है। राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को 15 अगस्त तक बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को बड़ा एलान करते हुए कहा कि राज्य में वर्तमान में काम कर रहे राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना जल्द बहाल होगी। उन्होंने कहा कि इस योजना को 15 अगस्त तक बहाल करने की कोशिश की जाएगी। बता दें कि पुरानी पेंशन योजना को 1 अप्रैल 2004 को बंद कर दिया गया था और इसे राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) से बदल दिया गया था। बता दें कि इससे पहले कांग्रेस शासित राज्य छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की घोषणा की जा चुकी है।
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झारखंड सरकार सभी वर्गों की सामाजिक सुरक्षा के प्रति संवेदनशील: सोरेन
सीएम सोरेन ने पुरानी पेंशन योजना (एनएमओपीएस) के लिए राष्ट्रीय आंदोलन की राज्य शाखा द्वारा आयोजित 'पेंशन जयघोष महासम्मेलन' को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड सरकार सभी वर्गों की सामाजिक सुरक्षा के प्रति संवेदनशील है। राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को 15 अगस्त तक बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस रैली में राज्य के सभी 24 जिलों के विभिन्न मजदूर संघों के बैनर तले हजारों कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
विधानसभा के बजट सत्र के समापन के दौरान ही सोरेन ने दिए थे संकेत
गौरतलब है कि सोरेन ने 25 मार्च को झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के समापन के दिन पुरानी पेंशन योजना की बहाली के संकेत दिए थे। उन्होंने उस दौरान भी कहा था कि हम राज्य में बहुत जल्द पुरानी पेंशन योजना को लागू करने जा रहे हैं। सोरेन ने कहा था कि राज्य में सत्ताधारी और विपक्षी दलों के विधायक पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग करते रहे हैं। इसलिए अब इसपर अमल करने की जरूरत है।
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क्या है पुरानी पेंशन व्यवस्था
पुरानी पेंशन योजना सेवानिवृत्ति के बाद न्यूनतम गारंटीकृत पेंशन राशि सुनिश्चित करती है, जो नई योजना में नहीं है। वर्तमान पेंशन व्यवस्था में कर्मचारियों को अपने वेतन का 10 प्रतिशत पेंशन के लिए योगदान करना पड़ता है, और राज्य सरकार कर्मचारियों के पारिश्रमिक का 14 प्रतिशत योगदान देती है, जो कि पुरानी योजना में आवश्यक नहीं था।