इस दौरान उन्होंने दावा किया कि 2019 में झारखंड में गठबंधन सरकार सत्ता में आने के बाद से हेमंत सोरेन के खिलाफ विरोधियों द्वारा साजिश रची जा रही थी। अपने संबोधन के दौरान कल्पना के आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा, मैंने सोचा था कि मैं अपने आंसुओं को रोक लूंगी। लेकिन आप लोगों के प्यार और समर्थन से मुझे वह ताकत मिल रही है, जो मैंने सपने में भी नहीं सोचा था।
'दिल्ली में बैठने वालों के पास दिल नहीं'
केंद्र पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने इतनी बड़ी साजिश रची जिसके कारण हेमंत सोरेन को जेल जाना पड़ा। दिल्ली में बैठने वालों के पास दिल नहीं है। वे आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यक को कीड़ों के समान मानते हैं और सोचते हैं कि वे उनके साथ कुछ भी कर सकते हैं।
'राज्य के लिए 1.36 करोड़ मांगन अपराध है?'
कल्पना ने आगे पूछा, पूर्व मुख्यमंत्री का क्या अपराध है। केंद्र से झारखंड के लिए 1.36 करोड़ रुपये मांगना अपराध है या अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 फीसदी आरक्षण मांग वाला विधेयक विधानसभा में पारित करना अपराध है? अलग सरना धर्म संहिता की मांग करना, स्थानीय लोगों के लिए अधिवास नीति सुनिश्चित करना, किसानों का कर्ज माफ करना या (कोरोना काल में) दूसरे राज्यों से श्रमिकों को हवाई जहाज, बसों व ट्रेनों से वापस लाना अपराध है?
'2019 से शुरू हो गई थी साजिश'
किसी पार्टी का नाम लिए बगैर उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी मंशा सरकार गिराने की थी। पूर्व मुख्यमंत्री की पत्नी ने कहा, हम इस बार अपने विधायकों के समर्पण के बदलौत उनकी साजिश को विफल करने में सफल रहे। भविष्य में हमें अपने वोट के जरिए यह दिखाना होगा कि झारखंड झुकेगा नहीं। उन्होंने (भाजपा की ओर इशारा करते हुए) 2019 में हेमंत सोरन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के सत्ता में आने के बाद से साजिश रचनी शुरू कर दी थी। उन्होंने आखिरकार उन्हें जेल में डाल दिया। लेकिन वे नहीं जानते कि हेमंत सोरेन झारखंड के लोगों के दिलों में रहते हैं।उन्होंने हेमंत सोरेन को जेल में डालकर झारखंड के हर व्यक्ति के स्वाभिमान के साथ खिलवाड़ किया है। आने वाले दिनों में उन्हें करारा जवाब दिया जाएगा।