झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रहे मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने कांग्रेस के चार वरिष्ठ विधायकों को मंत्री बनाया। इस कदम से कांग्रेस विधायकों का एक समूह खुश नहीं था और शनिवार को दिल्ली गया। इन विधायकों ने पार्टी के केंद्रीय नेताओं से मिलकर उनसे दखल देने की मांग की।
रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद विधायकों ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान झारखंड पर नजर बनाए हुए है और सही समय पर सही फैसला लेगा। जामताड़ा के विधायक इरफान अंसारी ने कहा कि उन्होंने मंगलवार को अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की और राज्य कांग्रेस व मंत्रियों के बारे में विस्तार से चर्चा की। वेणुगोपाल ने कहा कि उन्हें झारखंड की सभी गतिविधियों की जानकारी है और पार्टी उचित फैसला लेगी। हमने उन्हें विस्तृत रिपोर्ट दी।
अंसारी ने कहा, कांग्रेस विधायक 23 फरवरी से शुरू हो रहे झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में शामिल होंगे। उन्होंने कहा, हम भाजपा को कोई मौका नहीं देना चाहते। वहीं, महागामा विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि उन्हें दिल्ली में रहने के दौरान सकारात्मक संकेत मिले।
विधायकों ने कहा कि एआईसीसी अधिकारियों ने विधायकों से अपना अच्छा काम जारी रखने के लिए कहा। विधायकों ने कहा कि एआईसीसी के अधिकारियों ने विधायकों से अपना अच्छा काम जारी रखने के लिए कहा प्रदेश कांग्रेस के फैसले के बाद आलमगीर आलम, रामेश्वर उरांव, बन्ना गुप्ता और बादल पत्रलेख फिर से मंत्री बने हैं।