झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (फाइल)
- फोटो : फेसबुक/ हेमंत सोरेन
महंगाई के मुद्दे पर विपक्ष आक्रमक हो गया है। तमाम राजनीतिक दल केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोल रहे हैं। इसी बीच झारखण्ड के मुख्मंत्री हेमंत सोरेन ने भी मंगलवार को केंद्र को घेरा। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, इसका असर न केवल आम लोगों पर पड़ा है बल्कि राज्य सरकार पर भी होता है। तीखा हमला करते हुए उन्होंने कहा, भाजपा लगातार उनकी सरकार गिराने की कोशिश कर रही है।
पलामू में आयोजित रोजगार मेले में बोलते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, राज्य श्रम विभाग के जरिए 30 हजार से अधिक युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरियां दी गई हैं। इसी दौरान महंगाई के खिलाफ केंद्र पर हमला करते हुए उन्होंने कहा, 2014 से पहले यूपीए शासन के दौरान एलपीजी सिलेंडर की कीमत लगभग 500 रुपये थी। अब यह लगभग 1,200 रुपये है। खाद्य तेल 150 रुपये, दालें 100 रुपये में बिक रही हैं। टमाटर और प्याज की कीमतें 100 के पार पहुंच गई है। दुख तो यह है कि नीति निर्माता को पता ही नहीं कि कीमतों को बढ़ने से कैसे रोका जाए।
अपनी सरकार की उपलब्धियों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, राज्य के गरीब लोगों को राहत देने के लिए हमने योजनाएं बनाई। राशन कार्ड धारकों को रियायती दरों पर दालें देने की योजना बनाई है। लेकिन दालों की बढ़ती कीमतों के कारण हमें इसे लागू करने में समस्याएं आ रही है। इस साल के बजट में हेमंत सोरेन सरकार ने राशन कार्ड धारकों को एक रुपये प्रति किलो के हिसाब से दाल उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। राज्य सरकार ने इस योजना के लिए 555 करोड़ रुपये भी आवंटित किए थे।
कार्यक्रम के दौरान एक अधिकारी ने बताया कि सरकार द्वारा 3 बार निविदाएं जारी करने के बावजूद कोई भी बोली लगाने वाला खुले बाजार से दालें खरीदने के लिए नहीं आया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र पर राज्य सरकार के प्रति सौतेला रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा, उन्होंने राज्य के गरीब लोगों के लिए मकान और राशन की मांग को ही खारिज कर दिया है।