मनरेगा के तहत काम के बावजूद चार साल से मानदेय न मिलने पर ग्रामीणों ने खंड विकास कार्यालय पर प्रदर्शन किया।बड़ी संख्या में बिगवां, मुट्ठी जागीर आदि इलाकों से आए ग्रामीणों ने विभाग पर मजदूरों के शोषण का आरोप लगाया।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनके मानदेय को जल्द जारी नहीं किया गया तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार अधिनियम मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूर मदनलाल के नेतृत्व में सोमवार को खंड विकास अधिकारी कठुआ के कार्यालय पहुंचे।
दो घंटे तक अधिकारी का इंतजार करने के बाद ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इलाके के 180 मजदूरों का मानदेय वर्ष 2010 से लंबित है। अधिकारी के कार्यालयों के चक्कर लगाने के बाद भी कुछ हाथ नहीं लगा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सौ दिन के रोजगार का वादा किया, लेकिन लोगों को दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि विभाग ने जल्द उचित कदम नहीं उठाया तो बड़ी संख्या में ग्रामीण विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उग्र प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शनकारियों में बिशनदास, बोधराज, गुरदेव राज, देवो रानी, बीरो रानी, त्रिशला देवी, पुष्पा रानी आदि शामिल रहे।