राज्य के उपमुख्यमंत्री डॉ निर्मल सिंह ने कहा है कि अलगाववादी नेता मसर्रत आलम को रिहा नहीं होने दिया जाएगा। मसर्रत को पहले भी रिहा किया गया था लेकिन उसकी रिहाई से राज्य की शांति और भाईचारे को खतरा महसूस हुआ जिसे देखते हुए उसे हिरासत में ले लिया गया।
इस बार भी उसकी रिहाई से ऐसे ही हालात बनते दिख रहे हैं। डिप्टी सीएम मसर्रत आलम पर लगे पीएसए को कोर्ट द्वारा रद करने के सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में किसी को भी शांति भंग करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है।
सरकार मसर्रत मामले पर बारीकी से नजर रखे हुए है। जो भी फैसला जरूरी होगा वह निश्चित रूप से लिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि मसर्रत आलम के वकील मियां अब्दुल कयूम ने कहा था कि जस्टिस मुजफ्फर हुसैन अतार ने मसर्रत पर लगे पीएसए को रद कर दिया है।