लद्दाख खित्ते में आने वाले पर्यटकों की खातिरदारी की कमान महिलाओं ने संभाली है। लद्दाख नेशनल पार्क के अधीन आने वाले अधिकतर गांव में वूमेन सेल्फ हेल्प ग्रुप तैयार किए गए हैं। वन विभाग ने इन महिलाओं के सहयोग से इको कैफे भी बनाए हैं। यहां आने वाले पर्यटक रुक सकते हैं, आराम कर सकते हैं।
यही नहीं, नेशनल पार्क में आने वाले ट्रैकरों के लिए भी यह सुविधा विशेष रूप से रहेगी। पार्क के ट्रैकिंग रूट के किनारे यह कै फे बनाए गए हैं। यहां पर्यटकों को महिलाओं के खुद तैयार किए गए उत्पाद, खाने-पीने की सुविधाएं मिलेंगी। इसमें खासतौर पर लद्दाख के पारंपरिक व्यंजनों को शामिल किया गया है।
जो पौष्टिक और जैविक हैं। विदेशी पर्यटकों को खास ध्यान में रखकर महिलाएं इनको तैयार करेंगी। वन विभाग ने इन महिलाओं की ओर से तैयार किए गए उत्पादों के लिए लेह मार्केट में मार्केटिंग सेंटर भी खोला है। यहां हथकरघा और हैंडलूम के उत्पाद मिलेंगे। लद्दाख में विदेशी और घरेलू पर्यटकों की आमद बढ़ाने की दिशा में यह कदम उठाया गया है। करीब 500 इको कैफे खोले गए हैं।