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पहली बार लहराया तिरंगा, लेकिन कर दिया अपमान

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बाबा गुलाम शाह बादशाह यूनिवर्सिटी (बीजीएसबीयू) में तिरंगा फहराने को लेकर कई दिनों से मचा घमासान स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झंडा फहराने के साथ ही शांत तो हो गया लेकिन इसके साथ ही एक नया विवाद और शुरू हो गया।
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काफी जद्दोजहद के बाद विवि कैंपस में जहां आजादी के बाद शुक्रवार को पहली बार झंडा तो फहराया गया लेकिन इस दौरान राष्ट्रगान नहीं गाया गया। जबकि नियमानुसार स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झंडारोहण के दौरान सरकारी संस्थानों में राष्ट्रगान गाना आवश्यक है।

लेकिन झंडारोहण की खानापूर्ति में जुटे विश्वविद्यालय प्रशासन को शायद इस जरूरी नियम की परवाह ही नहीं रही। यही कारण रहा कि झंडारोहण का पूरा कार्यक्रम मात्र खानापूर्ति तक ही सिमटा रहा। विवि के रवैय पर छात्रों में भारी नाराजगी रही।
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एक दिन पूर्व तक रही जबरदस्त गहमागहमी

बता दें कि बीजीएसबीयू में तिरंगा फहराने को लेकर कई दिनों से तनातनी का माहौल था। विवि के छात्र जहां कैंपस में तिरंगा फहराने को लेकर एकजुट थे वहीं विवि तिरंगा फहराने की अनुमति देने से इंकार कर रहा था।

गुरुवार को इस मामले को लेकर दिनभर विश्‍वविद्यालय में तनातनी का माहौल रहा। विवि प्रशासन जहां लगातार इसकी अनुमति देने से इंकार करता रहा। वहीं छात्र झंडा फहराने की जिद पर अड़े रहे।

सबसे आश्‍चर्यजनक रवैया जिला प्रशासन का रहा। ‌जो एक दिन पहले झंडा फहराने की अनुमति के लिए विवि प्रशासन से बात करने की बात करता रहा लेकिन एक दिन बाद ही अपनी बात से पीछे हट गया।

छात्रों ने खुद गाया राष्ट्रगान

हालांकि तमाम जद्दोजहद के बाद शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सुबह नौ बजे विवि कैंपस में विवि रजिस्ट्रार मौ. राशिद चौधरी ने झंडारोहण किया। लेकिन विवि का रवैया देश की आजादी के प्रति कृतज्ञ होने के बजाय खानापूर्ति वाला रहा।

यही कारण रहा कि विवि प्रशासन ने भारी दबाव के बीच झंडारोहण ‌तो किया लेकिन इस दौरान राष्ट्रगान नहीं गाया गया। छात्रों ने इस पर आपत्ति जताई लेकिन विवि प्रशासन ने इसकी अनदेखी करते हुए कार्यक्रम चंद मिनटों में निपटा दिया।

इसके विरोध में छात्रों ने नारेबाजी की और झंडारोहण स्‍थल के लिए चल दिए। लेकिन उन्हें ऊपर घुसने से मना कर दिया गया। इसके बाद छात्र रजिस्ट्रार से मिले और राष्ट्रगान न होने पर नाराजगी जताई।
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छात्रों ने लगाए वंदेमातरम के नारे

रजिस्ट्रार का रवैया मामले में अत्यंत निराशाजनक रहा और उन्होंने छात्रों को टाल दिया। रजिस्ट्रार से संतोषजनक जवाब न मिलने पर गुस्साए छात्र खुद ही झंडारोहण स्‍थल पहुंचे और तिरंगे के सामने खड़े होकर खुद ही राष्ट्रगान गाया।

इसके बाद छात्रों ने वहां वंदेमातरम के नारे लगाए। यह देख विवि के दूसरे छात्रों ने भी उनका साथ दिया और वंदेमातरम के नारे लगाते हुए राष्ट्रध्वज को प्रणाम किया।

वहीं विवि प्रशासन के रवैये को लेकर छात्रों में भारी नाराजगी रही। छात्रों का आरोप था कि विवि और जिला प्रशासन कुछ लोगों के दबाव में आकर अपने जरूरी कर्तव्य से भी पीछे हट गया।
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