राज्यपाल एनएन वोहरा ने जम्मू कश्मीर राज्य के भविष्य के लिए राज्य में अमन और हालातों में सामान्यता को काफी आवश्यक बताया।
उन्होंने समाज के हर वर्ग जिनमें राजनीतिक, धार्मिक और अन्य वर्ग शामिल हैं, से राज्य के मसलों को बातचीत और चर्चा से हल करने की अपील की।
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राज्यपाल ने लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा है और साथ ही उन्होंने तकलीफों भरा एक कठिन दौर देखा है।
रियासत में आए 65 लाख लोग
राज्यपाल ने कहा कि घाटी में आतंकवाद के चलते खराब हालातों और सीमा पार से हुई लगातार घुसपैठों के बावजूद हालातों में सार्थक सुधार दर्ज किया गया है जिसके लिए हम उन जवानों और बहादुर अफसरों के आभारी हैं, जिन्होंने अपने देश की रक्षा में अपनी जान न्योछावर की।
राज्यपाल ने यह भी कहा कि हालातों में सुधार के चलते राज्य की आर्थिक गतिविधियों का भी पुनरुत्थान हुआ है। उनके अनुसार राज्य में पर्यटन में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राज्य में दो मुख्य तीर्थयात्राओं को लेकर वर्ष के शुरू से अबतक 65 लाख के करीब लोगों ने राज्य का दौरा किया है।
चुनाव में अपने मत का इस्तेमाल करें लोग
राज्यपाल ने राज्य में लोकसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि चुनाव के सही रूप से होने से साफ हो जाता है कि देश के साथ-साथ राज्य में लोकतंत्र की मजबूत स्थिति है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं और उन्हें भरोसा है कि काफी संख्या में मतदाता अपने मत का इस्तेमाल करेंगे, खासकर युवा मतदाताओं पर जो अपने मत का पहली बार प्रयोग करेंगे।
राज्यपाल ने कहा कि राज्य के युवाओं और युवतियों के भी अपने सपने और अभिलाषाएं हैं और जिन लोगों को राज्य का कार्यभार संभालने के लिए चुनकर लाया गया है, यह उनका कर्तव्य बनता है कि आवश्यक कदम उठाएं जाएं ताकि शिक्षा के स्तर को ऊपर पहुंचाया जाए।
जरा याद उन्हें भी कर लो जो लौट के फिर ना आए
राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हमें उन महान नेताओं को याद करना चाहिए, जिन्होंने अपनी जान न्योछावर कर भारत को उपनिवेशी गुलामी से आजाद करवाया।
राज्यपाल ने इस मौके पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, सभी कैबिनेट मंत्रियों के अलावा अवाम को उज्जवल और शहाल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।