लोगों को संबोधित करतीं महबूबा मुफ्ती
- फोटो : Amar Ujala
अपने गृहनगर बिजबिहाड़ा में शुक्रवार को बीएसएफ पर आतंकवादी हमले के बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पाकिस्तान पर जमकर बरसीं। महबूबा ने कहा कि पाकिस्तान को कश्मीर से यह कैसा प्यार है, भारत-पाक में वार्ता शुरू होती है तो पठानकोट हो जाता है।
कभी कश्मीर में आतंकवादी हमले होते हैं तो कभी सुरक्षा बलों को निशाना बनाया जाता है। उन्होंने दो टूक कहा कि बंदूक से कुछ भी हासिल नहीं होगा। कश्मीर पर कई युद्ध लड़ने के बाद पाकिस्तान को अगर कुछ हासिल होना होता तो हो जाता।
जम्मू में कंवेशन सेंटर का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों में स्कूली बच्चों को मारा जाता है। बातचीत के साथ हमलों से बात बनेगी नहीं। बिजबिहाड़ा में अगर सुरक्षा बल जवाबी कार्रवाई में गोलीबारी करते तो कई स्थानीय लोग मारे जाते और फिर हंदवाड़ा जैसे हालात पैदा होते।
महबूबा ने कहा कि सुरक्षा बलों के जवानों को मारने से क्या होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के तौर पर वह सुरक्षा बलों पर हमले की कड़ी शब्दों में निंदा करती हैं। जम्मू-कश्मीर के लोगों को इकट्ठा होकर माहौल को बेहतर बनाना होगा।
खौड़ एसएचओ की जितनी भर्त्सना की जाए कम है
Mehbooba mufti
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उन्होंने कहा कि कश्मीर में कश्मीरी पंडित विस्थापितों के लिए अलग कालोनी नहीं बनेगी। कश्मीर में माहौल अभी ऐसा नहीं है कि विस्थापित अपने गांवों में रह सकें। इसलिए उनके लिए ट्रांजिट कैंप बनेंगे।
उन्होंने कहा कि जम्मू को स्वतंत्र पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना उनकी प्राथमिकता है। मुबारक मंडी, पत्नीटॉप, मुगल सराय, मानसर, सरुईंसर, भद्रवाह, मानतलाई समेत जम्मू के अन्य सभी पर्यटन केंद्रों को विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा खौड़ में पूर्व थाना प्रभारी ने शादीशुदा बच्ची के साथ जो दरिंदगी की उसकी जितनी भी भर्त्सना की जाए कम है। महिलाओं की सुरक्षा उनकी उच्च प्राथमिकता है।
इसके लिए उन्होंने प्रयास शुरू किए हैं। महिला थानों की संख्या बढ़ाई जाएगी। स्कूटी योजना छात्राओं के लिए शुरू होगी। महिलाओं के लिए बस सेवा होगी। उन्होंने कहा कि खौड़ में महिला एसपीओ ने ही एसएचओ की मदद की। इसलिए महिलाओं को भी अपनी मानसिकता को बदलना होगा।