जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के गृह नगर बिजबिहाड़ा में शुक्रवार की शाम आतंकियों ने बीएसएफ के कानवाय पर घात लगाकर हमला कर दिया। इसमें तीन जवान शहीद हो गए जबकि पांच गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को एयरलिफ्ट कर श्रीनगर आर्मी हास्पिटल भेजा गया है।
हमले में हेड कांस्टेबल गिरीश कुमार शुक्ला, हवलदार दिनेश और कांस्टेबल महिंदर राम शहीद हो गए हैं। पुलिस महानिदेशक के राजेंद्रा कुमार ने हमले को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए बताया कि शुक्रवार शाम लगभग साढ़े चार बजे आतंकियों द्वारा गलियों में छिपकर बीएसएफ के काफिले में शामिल वाहनों पर फायरिंग की गई।
बीएसएफ के महानिदेशक केके शर्मा के भी श्रीनगर पहुंच रहे हैं। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बीएसएफ महानिदेशक से बात कर हालात की जानकारी ली और उन्हें श्रीनगर रवाना होने के निर्देश दिए। राजनाथ सिंह ने हमले की कड़ी निंदा की और शहीदों के परिवारों के प्रति सांत्वना जताई।
हमले के तुरंत बाद सेना, पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों की अतिरिक्त तैनाती कर पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली गई है। हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन ने ली है। उल्लेखनीय है कि बीएसएफ कानवाय पर इससे पहले बीते वर्ष उधमपुर में लश्कर आतंकियों ने हमला किया था।
सर्च आपरेशन में लगाए गए अतिरिक्त जवान
घटना स्थल पर मौजूद जवान
- फोटो : Amar Ujala
बीएसएफ से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक बीएसएफ की कानवाय 23 वाहनों में जम्मू से श्रीनगर आ रही था। बिजबिहाड़ा के गौरीवान इलाके में पहले से घात लगाए आतंकियों ने कानवाय के पहुंचते ही अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
कानवाय में शामिल बीएसएफ के जवानों ने भी मोर्चा संभाल जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से लगभग 15 मिनट तक फायरिंग हुई। इस बीच, आतंकी मौके का लाभ उठाकर फरार हो गए। घटनास्थल पर वाहन में खून से लथपथ पड़े आठ घायल जवानों को निकालकर नजदीक के अस्पताल में पहुंचाया गया। यहां दो जवानों को मृत घोषित कर दिया गया।
गंभीर रूप से घायलों को एयरलिफ्ट कर श्रीनगर के 92 बेस कैंप हास्पिटल भेजा गया। एक घायल जवान की एयरलिफ्ट करने के दौरान रास्ते में ही मौत हो गई। हमले की सूचना पाकर सीआरपीएफ, पुलिस तथा अन्य सुरक्षा बलों के अधिकारी तथा जवान मौके पर पहुंचे।
हमले की जिम्मेदारी लेते हुए आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के प्रवक्ता बुराहनुद्दीन ने कहा कि हमला संगठन के स्पेशल स्कावायड ने किया है। संगठन के आपरेशनल फील्ड कमांडर ने ऐसे हमले तेज करने के निर्देश दिए हैं। भविष्य में भी हमले होते रहेंगे।
फरवरी में सीआरपीएफ कानवाय को भी बनाया था निशाना
इलाके में सर्च आपरेशन जारी
- फोटो : Amar Ujala
20 फरवरी 2016 को श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र पांपोर स्थित ईडीआई के करीब आतंकियों ने घात लगाकर सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाया था। बाद में आतंकी ईडीआई बिल्डिंग में घुस गए थे। यहां 48 घंटे से अधिक समय तक मुठभेड़ चली थी।। इस हमले में तीन आतंकी मार गिराए गए थे, जबकि सेना के दो अधिकारी और एक जवान शहीद हुए थे। इसके अलावा सीआरपीएफ के दो अधिकारियों समेत चार जवान घायल हुए थे।
बिजबिहाड़ा में हाल के आतंकी हमले
8 अप्रैल 2016 : सुरक्षा बलों के वाहन पर ग्रेनेड हमला, दो लोग घायल
25 दिसंबर 2015 : बिजबिहाड़ा पुलिस स्टेशन के पास सुरक्षा बलों के वाहन पर हमला, एसडीपीओ सहित तीन पुलिसकर्मी घायल
8 दिसंबर 2015 : सीआरपीएफ कानवाय पर हमला, छह जवान घायल