केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर में परिसीमन आयोग की अंतिम रिपोर्ट जारी कर दी है। इसके साथ ही प्रदेश में विधानसभा चुनाव कराए जाने का रास्ता साफ हो गया है। ऐसे में जम्मू कश्मीर में चुनाव का बिगुल जल्द ही बज सकता है। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव अक्तूबर तक हो सकते हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने फरवरी में कहा था कि परिसीमन की प्रक्रिया जल्द पूरी होने वाली है। अगले छह से आठ महीने में विधानसभा के चुनाव होंगे। इसमें किसी प्रकार का कोई संदेह नहीं है। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव अमरनाथ यात्रा के बाद कराना ज्यादा मुफीद माना जा रहा है क्योंकि यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था के लिए केंद्रीय बल प्रदेश में मौजूद रहेंगे। चुनाव में सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त तामझाम नहीं करना पड़ेगा।
प्रदेश में परिसीमन आयोग की अंतरिम रिपोर्ट के जारी होने के बाद से ही सियासी हलचल तेज हो गई थी। अंतरिम रिपोर्ट के जारी होने पर भाजपा ने परिसीमन आयोग के काम की सराहना की थी। वे लोगों के बीच केंद्र सरकार के कार्य और योजनाओं को लेकर पहुंच रहे हैं। वहीं, अंतरिम रिपोर्ट को कांग्रेस, नेकां, पीडीपी, अपनी पार्टी, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस समेत पीएजीडी में शामिल अन्य दल खारिज किया था। सभी का कहना था कि भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए रिपोर्ट तैयार की गई है।
अलग-अलग राजनीतिक दलों ने जम्मू और कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों में जनता के बीच जाना शुरू कर दिया है। सभी सियासी पार्टियां अपने एजेंडे और विचार लेकर लोगों के बीच पहुंचना शुरू हो गए हैं। पीडीपी, नेकां और कांग्रेस नेता जनता के बीच भाजपा की नीतियों की आलोचना लेकर पहुंच रहे हैं। इन पार्टियों का कहना है कि भाजपा लोगों को सुशासन और बुनियादी सुविधाएं देने में विफल साबित हुई है।