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पढ़ें, दुजाना की मौत से पहले सैन्य अधिकारी से हुई उसकी पूरी बातचीत

Thu, 03 Aug 2017 11:56 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली/श्रेयांश त्रिपाठी,अमर उजाला/श्रीनगर
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अबु दुजाना
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कश्मीर घाटी में सक्रिय लश्कर के कमांडर अबु दुजाना की मरने से पहले सेना के एक अधिकारी के साथ हुई आखिरी कॉल सार्वजनिक हुई है। कॉल की रिकॉर्डिंग में साफ सुनाई पड़ रहा है कि सेना का अधिकारी लश्कर कमांडर को सरेंडर करने को कह रहा है, लेकिन दुजाना साफ तौर से इंकार कर रहा है। यह वह फोन कॉल है जिसे सेना ने मुठभेड़ शुरू करने से पहले दुजाना को सरेंडर करने के लिए की थी। आईजी मुनीर खान ने कहा है कि इस वीडियो की वास्तविकता की जांच करवाई जाएगी। इस बातचीत के कुछ अंश--
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'मैं कश्मीर आया हूं शहीद होने के लिए ....आज भी मरना है कल भी'

अबु दुजाना - फोटो : self
सेना का अधिकारी- हैलो 
अबू दुजाना-हां क्या हाल है?       
सेना का अधिकारी-हमारा हाल छोड़ तू .....तू सरेंडर क्यों नहीं करता?
अबू दुजाना-कहां करूंगा सरेंडर मैं .... मैं कश्मीर आया हूं शहीद होने के लिए ....आज भी मरना है कल भी 
सेना का अधिकारी-अरे ठीक है ... तेरे को तो पता है यह गेम है सब ...
अबू दुजाना-मैं क्या करूं ... जिसको गेम खेलना है खेले
सेना का अधिकारी- यार सुन मेरी बात ... भाई तूने शादी की है उस लड़की से ...
अबू दुजाना-मैंने कोई शादी-वादी नहीं की है ... यह सब झूठ है ... एक प्रोपेगंडा है ...
सेना का अधिकारी- तू अपनी सोच ... तेरे मां-बाप हैं बाहर यार 
अबू दुजाना- मां-बाप के लिए तो मैं उसी दिन मर गया था जब मैं उनको छोड़के यहां आया
सेना का अधिकारी-यह गेम अब खत्म ही कर दे तू ...
अबू दुजाना-कभी आप आगे ... हम पीछे ... कभी हम आगे ... आप पीछे ... चलो आखिर आपने पकड़ ही लिया ... मुबारक हो आपको ...
सेना का अधिकारी-नहीं ऐसा कुछ नहीं है ... तू अपने फर्ज पे निकला है ... हम अपने फर्ज पे निकले हैं ...
अबू दुजाना-इसलिए कहा आप अपना फर्ज निभाओ ... मैं अपना फर्ज निभाऊंगा ... 
सेना का अधिकारी-मान ले ... देख यह लोग भी मारे जाएंगे ... इनको छोड़ेंगे नहीं ...
अबू दुजाना-जो इनको करना है करें...

'लेकिन यह जिहाद नहीं है न यार ...'

कौन है अबु दुजाना - फोटो : social media
सेना का अधिकारी-देख मान ले बात यार ... यहां कोई खूनी नहीं है ... कोई नहीं चाहता किसी को खत्म करे...
अबू दुजाना-चलो ठीक है ... लेकिन जिसने आपको इन्फारमेशन दी है वो तो चाहता है यह मर जाए ...
सेना का अधिकारी-यार हमें कोई खबर नहीं है ... मैं तो यहां पे हूं ही नहीं 
अबू दुजाना- मैंने बहुत दफा देखा है आपको ... 
सेना का अधिकारी-देख चल कोई नहीं ... हमारे में तेरे लिए कोई ऐसी दुश्मनी नहीं है ... तू कर सरेंडर
अबू दुजाना-देख सरेंडर मैं नहीं कर सकता ... जो मेरी किस्मत में लिखा होगा अल्लाह वही करेगा ...   
सेना का अधिकारी-देख अल्लाह तो साथ देगा ही यार ...वो थोड़ी न बुरा चाहता है किसी का भी 
अबू दुजाना-अच्छी बात है वह तो आपके लिए भी मेरे लिए भी एक ही है ... अच्छा और सुनाओ बाहर क्या हालात हैं ... बाहर बैठ के क्यों बात करते हो ... अंदर आ जाओ न ...  
सेना का अधिकारी-मैं बाहर नहीं हूं यार ...अगर मैं बाहर होता तो तुझे मेरी आवाज से सीधे ही पता चल जाता ... 
अबू दुजाना-अच्छा ठीक है ...     
सेना का अधिकारी-देख तुम लोग निकले हो जिहाद के लिए ... लेकिन यह जिहाद नहीं है न यार ...
अबू दुजाना-चलो यार क्या करेंगे ...  
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'नहीं तो रोज कश्मीरी मरते रहेंगे ...'

लश्कर कमांडर अबू दुजाना - फोटो : FILE
सेना का अधिकारी-तो फिर देख ले ... तुम लोग निकलो यार ... लोगों को समझाओ ... तभी तो खून खराबा कम होगा यहां पर 
अबू दुजाना-मैंने खून खराबे किए नहीं ... जो लोग जानते हैं उन्हें अच्छे से पता है यह ...  
सेना का अधिकारी-मुझे मालूम है यार ... मैं अच्छे से जानता हूं ... जब तू खड़ा होगा ... तू बताएगा ... मेन कमांडर है तू ... चीजें हल होंगी ... नहीं तो रोज कश्मीरी मरते रहेंगे ... 
अबू दुजाना-अच्छा ही है  
सेना का अधिकारी-देख भाई ... तू कर कुछ ... बना अपना माइंड
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