रविवार की आधी रात से निकोआल और फिर चिनाज पोस्ट पर की गई पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच अरनिया कसबे में पलायन जैसी स्थिति बन गई। रात को ही कई परिवारों ने ट्रैक्टर ट्रालियों में सामान भर लिया था, लेकिन दहशतजदा ग्रामीण दहलीज से पांव बाहर रखने का साहस नहीं जुटा पाए।
तकरीबन बारह दिनों तक खामोश रहने के बाद पाकिस्तानी रेंजरों ने रविवार की रात सवा ग्यारह बजे अपनी बंदूकों का मुंह खोल दिया। सबसे पहले उन्होंने निकोआल पोस्ट और आसपास के क्षेत्र को निशाना बनाया। इसके बाद चिनाज पोस्ट पर भी भारी गोलाबारी करनी शुरू कर दी थी।
अंधाधुंध गोलाबारी और धमाकों की आवाज सुनकर जैसे ही लोगों की आंखें खुलीं तो बस एक ही ख्याल आया कि जान बचाने के लिए घर छोड़ा जाए।