यूजीसी ने देशभर के विश्वविद्यालयों से प्रवासी कश्मीरियों को सत्र 2015-16 के विभिन्न कोर्सों में प्रवेश के लिए रियायत देने को कहा है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने अपने ताजा निर्देश में कहा है कि विश्वविद्यालयों को इन्हें कट ऑफ मेरिट से 10 फीसदी रियायत देनी चाहिए।
यूजीसी ने विश्वविद्यालयों से कहा है कि कश्मीरियों के लिए तकनीकी और व्यावसायिक संस्थानों में कम से कम एक सीट अवश्य आरक्षित करें। इस संबंध में डोमेसाइल आदि में भी छूट दी जानी चाहिए।
मार्च 2013 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इस संबंध में अतिरिक्त रियायत देने से अपने कदम पीछे खींच लिए थे। इस कारण प्रवासी कश्मीरियों को दाखिले में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इसलिए यूजीसी ने देशभर के विश्वविद्यालयों से अनुरोध किया है कि वे इसे लागू करें। हालांकि कई विश्वविद्यालय कश्मीरियों को रियायत दे रहे हैं।