दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे और जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे परियोजनाओं से जम्मू-कश्मीर के पर्यटन को पंख लगने जा रहे हैं। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर रामबन और श्रीनगर जिलों में हाईवे टूरिज्म के तहत पटनीटॉप की तर्ज पर पर्यटन स्थल विकसित होंगे। हाईवे अथॉरिटी ने जगह चिह्नित कर ली हैं। अब कंसलटेंट नियुक्त कर डीपीआर तैयार की जा रही है।
बनिहाल-काजीगुंड टनल के पास 100 कनाल जमीन पर होटल, कन्वेंशन सेंटर, मोटल, रेस्टोरेंट्र, डारमेट्री, अस्पताल और पार्किंग की सुविधा बनेगी। इसी तरह से श्रीनगर जिले में भी प्राकृतिक सौंदर्य से भरे लसजन में हाईवे टूरिज्म की दृष्टि से सुविधाएं दी जाएंगी।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय अधिकारी रोहिन गुप्ता ने बताया कि जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर दो जगह चिह्नित की गई हैं। यहां पर व्यावसायिक और पर्यटन गतिविधियों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा। साइट को फाइनल कर लिया गया है। अब कंसलटेंट से डीपीआर तैयार करवाई जा रही है। डीपीआर में हाईवे टूरिज्म के तहत आधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी।
एक्सप्रेस वे किनारे बनेगा फूड जायंट
दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस वे पर कठुआ जिले के कीड़िया गंडियाल में फूट जायंट बनाया जाना है। लंबी दूरी के यात्रियों के लिए एक्सप्रेस वे पर विशेष पड़ाव बनाया जाता है, जहां पर यात्री कुछ देर रुक कर बुनियादी सुविधाओं का लाभ उठाते हैं। फूड जायंट भी हाईवे टूरिज्म का ही हिस्सा है।
हाईवे टूरिज्म से होंगे ये फायदे
एक्सप्रेस वे बनने के बाद नई दिल्ली से श्रीनगर का सफर महज 10 घंटे में पूरा हो जाएगा। वहीं, जम्मू से श्रीनगर का सफर चार से साढ़े चार घंटे में पूरा होगा। ऐसे में घरेलू और देश भर के पर्यटक जम्मू-कश्मीर की ओर आकर्षित होंगे। हाईवे पर ही अगर पर्यटकों को खूबसूरत स्थलों पर सभी सुविधाएं मिलेंगी तो आर्थिक तरक्की के साथ रोजगार भी बढ़ेगा।
बड़ी-बड़ी कंपनियां भी हाईवे टूरिज्म के मुख्य केंद्रों में कन्वेंशन हॉल से लेकर होटलों तक में अपनी बैठकों, सम्मेलन या अधिवेशनों का आयोजन प्रकृति की सुंदरता के बीच करवा पाएंगी।