त्रिलोचन सिंह के शव से बदबू आने के बावजूद आरोपी कई दिन तक उसके साथ रहे। आरोपियों ने हत्या वाले दिन पार्टी की थी। मुख्य आरोपी हरमीत ने तीन सितंबर को रात 7 से 8 बजे के बीच त्रिलोचन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस समय घर में हरप्रीत, बलवीर सिंह उर्फ बिल्ला और राजेंद्र चौधरी उर्फ राजू थे। राजू और बिल्ला 4 सितंबर की सुबह बस से अपने घर जम्मू चले गए थे। 5 सितंबर को त्रिलोचन सिंह के शव से बदबू आने लगी तो आरोपियों ने घर में धूपबत्ती व अगरबत्ती जलाना शुरू कर दिया। इन्होंने शव को चादर में लपेटकर बाथरूम में डाल दिया। बदबू रोकने के लिए एसी चला दिया। हरप्रीत 5 सितंबर को जम्मू चला गया। हरमीत शव के साथ रहा। हरप्रीत 7 सितंबर को वापस दिल्ली आ गया तो हरमीत जम्मू चला गया। हरमीत 8 सितंबर को वापस दिल्ली लौटा।