जम्मू संभाग के जिला रामबन के बनिहाल के दूर दराज गांव महू-मंगट बाउल के तनवीर अहमद घाटी के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हैं। किसान परिवार में जन्मे तनवीर के सिर से छोटी आयु में माता-पिता का साया उठ गया था। इसके बाद जीवन की तमाम चुनौतियों के बीच अपने दृढ़ संकल्प और साहस के साथ तनवीर ने अपने पर्वतारोहण कौशल को सुधारा और साहसिक पर्यटन से जुड़े।
तनवीर ने अदनान मॉडल हाई स्कूल में पढ़ाई की। यहां से वह कौशल विकास के मार्ग पर चल पड़े। उन्होंने पर्यटन में स्नातक तक की पढ़ाई की और प्रतिष्ठित जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग में अपने पर्वतारोहण कौशल को निखारा। पहलगाम में विंटर खेलों में रुचि ली और गुलमर्ग में स्कीइंग कोर्स पूरा किया।
तनवीर ने मोहू-मंगट घाटी में संभावित पर्यटन स्थलों की खोज में पांच साल बिताए। इस क्षेत्र से उनका काफी जुड़ाव रहा। क्षेत्र में भारतीय सेना द्वारा आयोजित शीतकालीन उत्सव में भाग लिया। इस दौरान तनवीर भारतीय सेना के साथ ट्रैकिंग, कैंपिंग और स्कीइंग गतिविधियों का नेतृत्व करने वाले रामबन जिले के पहले व्यक्ति भी बने।
इस प्रयास ने पर्यटकों को आकर्षित किया और क्षेत्र में प्राकृतिक सुंदरता और साहसिक पर्यटन की संभावना बनी। भारतीय सेना के समर्थन और प्रोत्साहन से तनवीर के पास कई योजनाएं हैं। भारतीय सेना के साथ साझेदारी ने उसे न सिर्फ प्रेरित किया बल्कि कौशल को मजबूत किया है। तनवीर अब क्षेत्र के युवाओं के लिए आशा की किरण है।