जम्मू में कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा।
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जम्मू-कश्मीर के आगामी 2022-23 बजट के लिए केंद्र अपना खजाना खोलेगा। इसमें रिकॉर्ड बजट मिलने की उम्मीद है। जम्मू दौरे के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इसके लिए संकेत दे चुकी हैं। प्रदेश का अगला बजट आर्थिक गतिविधियों पर केंद्रित होगा। इसमें स्वरोजगार, युवा, बुनियादी ढांचा, विद्युत, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग जैसे प्रमुख क्षेत्रों को केंद्रित किया जा रहा है।
नए औद्योगिक पैकेज को देखते हुए भी उद्योग को बढ़ा हिस्सा मिलने की उम्मीद है। बजट की पूर्व तैयारी के लिए उपराज्यपाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी जल्द दिल्ली में जाकर वित्तमंत्री व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करेंगे। जम्मू-कश्मीर के 2022-23 बजट के लिए सभी विभागों से अनुमानित बजट को कंसालिडेट किया जा रहा है। अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद पिछले दो साल में बजट में इजाफा किया गया है।
प्रदेश में मौजूदा समय में औद्योगिक क्षेत्र के अलावा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए उचित प्रयास किए जा रहे हैं। अगले साल बजट की घोषणा तक जम्मू कश्मीर में 50 से 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव लाने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्र ने दिल खोलते हुए वर्ष 2021-22 के लिए जम्मू कश्मीर को 108621 करोड़ रुपये का बजट दिया था, जो अब तक का सबसे बड़ा बजट रहा है।
इससे पहले वर्ष 2020-21 में 101428 करोड़ और वर्ष 2019-20 में 88911 करोड़ रुपये का बजट मिला। पिछले साल जिला विकास परिषदों के लिए 200 करोड़ रुपये रखे गए थे। बजट का 37 फीसदी विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए रखा गया था, जिसमें अगले बजट में और वृदि करने की तैयारी है।
वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने कहा कि बजट की तैयारियां चल रही हैं। भविष्य में दिल्ली में बजट से संबंधित चर्चा करना प्रस्तावित है। इसमें आर्थिक गतिविधियों पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उम्मीद है कि पिछले सभी सालों की तुलना में जम्मू कश्मीर के लिए बड़े बजट की घोषणा होगी।