यातायात नियम तोड़ने पर होने वाले चालान के लिए अब कोर्ट के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जम्मू और श्रीनगर में दो वर्चुअल ट्रैफिक कोर्ट शुरू किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी ने विधि मंत्रालय के सहयोग से इसे शुरू किया है। वीरवार को चीफ जस्टिस पंकज मित्थल ने इसका शुभारंभ किया। इन अदालतों में मामलों की सुनवाई ऑनलाइन होगी। इसमें वकीलों और मुकदमा करने वालों को शारीरिक तौर पर कोर्ट आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। न ही जज को बैठना पड़ेगा।
ट्रैफिक पुलिस एक डिजिटल चालान तैयार करेगी या फिर कैमरे में खींचकर डिजिटल फार्म में कोर्ट भेजेगी। इसके बाद कोर्ट उल्लंघन करने वाले के मोबाइल नंबर पर ऑनलाइन समन जारी करेगा। समन मिलते ही उल्लंघन करने वाले के पास विकल्प होगा कि वह चालान के मुताबिक तय जुर्माना देना चाहता है या फिर केस लड़ना चाहता है। यदि वह जुर्माना दे देगा तो उसका केस खत्म हो जाएगा, यदि जुर्माना नहीं भरता तो केस आगे चलेगा। जुर्माने का भुगतान एक वेबपोर्टल के जरिए होगा।
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इसको जम्मू-कश्मीर बैंक नियंत्रित करेगा। हाईकोर्ट का मानना है कि इससे यातायात नियमों का पालन कराने के सिस्टम में पारदर्शिता आएगी। चीफ जस्टिस ने कहा कि वर्चुअल कोर्ट के माध्यम से ऑनलाइन कार्यवाही के महत्व को रेखांकित किया गया है। ऑनलाइन सुनवाई का यह तरीका यातायात उल्लंघनकर्ताओं के लिए लागत प्रभावी, समय बचाने वाला और परेशानी मुक्त होगा।