रियासत में वर्ष 2017 में
पत्थरबाजी की 1261 घटनाएं हुई हैं। सबसे अधिक मामले हिजबुल कमांडर
बुरहान वानी के गृह क्षेत्र पुलवामा में हुए हैं। वानी की मौत के बाद यह इलाका सबसे अधिक अशांत रहा। इसके बाद हुर्रियत नेता सईद गिलानी के गढ़ सोपोर में सबसे अधिक पत्थरबाजी के केस दर्ज किए गए।
राज्य गृह विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अकेले पुलवामा में पत्थरबाजी के 91 केस पिछले साल दर्ज किए गए। वहीं, 71 केस सोपोर में दर्ज किए गए। इसके पहले वर्ष 2016 में सोपोर में रिकार्ड 500 के करीब पत्थरबाजी की घटनाएं हुईं। बुरहान वानी की मौत के बाद इस मामले में कश्मीर सबसे अशांत रहा।
रिपोर्ट के अनुसार 2016 में 2808 और 2015 में 730 केस पत्थरबाजी के दर्ज किए गए। जिलेवार आंकड़ों के अनुसार पिछले साल
श्रीनगर में 230, पुलवामा में 131, बारामुला में 129, बडगाम में 98,
शोपियां में 67, अनंतनाग में 63, कुलगाम में 50, गांदरबल में 36 और बांदीपोरा में 34 मामले पत्थरबाजी के मामले हुए।
रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले वर्ष पत्थरबाजी के आरोप में 2770 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 2016 में 8570 लोगों को पकड़ा गया था। पिछले तीन साल में पत्थरबाजी की 4736 घटनाओं में
सुरक्षाबलों के 11566 जवान जख्मी हुए।