कश्मीर जा रहे तीन संदिग्ध लोगों को पुलिस ने 30 लाख रुपये की नकदी के साथ हिरासत में लिया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि ये तीनों आतंकियों के मददगार तो नहीं अथवा हवाला कारोबारी तो नहीं हैं। हालांकि तीनों खुद को सेब कारोबारी बता रहे हैं। इनकी शिनाख्त फयाज अहमद डार निवासी मिशीपुर कुलगाम, उमर फारूक और मौजाम परवेज निवासी ढिलीपुरा पुलवामा के रूप में हुई है।
उधर सोपोर में पुलिस-सेना और सीआरपीएफ के संयुक्त नाके पर दो लोगों को हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया गया। दोनों आतंकी संगठन लश्कर से जुड़े हुए हैं। जांच में पता चला है कि दोनों गुप्त जगह पर ग्रेनेड फैंकने जा रहे थे। जानकारी के अनुसार, यह लोग जम्मू से श्रीनगर जा रही इनोवा कार (डीएल1जेडबी, 8261) में सवार होकर जा रहे थे। कार में 8 लोग और भी थे।
जम्मू पुलिस की सूचना पर नगरोटा पुलिस ने इनको बन टोल प्लाजा के पास जांच के लिए रोका। इसके बाद उक्त लोगों को पकड़ा गया। इनमें से कुलगाम के रहने वाले फयाज के पास से 30 लाख रुपये की नकदी मिली। तीनों को जम्मू लाया गया है।इससे पहले श्रीनगर के दरपोरा इलाके में सोमवार की शाम हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दो दहशतगर्दों और उनके एक पनाहगार को मार गिराया। मारे गए लोगों में उस मकान का मालिक भी शामिल है, जहां आतंकी छिपे हुए थे। मारे गए हाइब्रिड आतंकियों में त्राल का आमिर तांत्रे, व बनिहाल का आमिर शामिल है।
पनाहगार का नाम अल्ताफ बताया जा रहा है। इन आतंकियों से हथियार भी बरामद किए गए हैं। मुठभेड़ के चलते श्रीनगर-बारामुला मार्ग पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया। इन्हें परिवर्तित मार्ग से गंतव्य के लिए रवाना किया।
जमालता इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर छापामारी
आईजी कश्मीर विजय कुमार के अनुसार, सुरक्षाबलों को हैदरपोरा इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके आधार पर इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। तलाशी अभियान के दौरान एक मकान में छिपे आतंकियों को देखते ही जवानों ने ललकारा तो दूसरी ओर से फायरिंग शुरू हो गई। बताते हैं कि नवाकदल के जमालता इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर छापामारी की गई। ठिकाने की जानकारी मिलने पर अंदर छिपे आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।