जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा
- फोटो : अमर उजाला
बैक-टू-विलेज कार्यक्रम का तीसरा चरण अक्तूबर माह से शुरू हो सकता है। श्रीनगर स्थित राजभवन में बैक-टू-विलेज कार्यक्रम की समीक्षा में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सलाहकारों, मुख्य सचिव समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
यह भी पढ़ेंः बुरहान वानी की तरह था लश्कर कमांडर सज्जाद हैदर का नेटवर्क, मौत से पहले शरीर पर बांधी थी आईईडी
सिन्हा ने कहा कि जनता से सीधा जुड़ा यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण है। तीसरे चरण को शुरू करने तक पहले के मंजूर कार्य पूरे कर लिए जाएं। उपराज्यपाल ने प्रदेश के पिछड़े ब्लॉकों को चिह्नित कर इन प्रशासनिक इकाइयाें को एस्पिरेशनल जिलों की तर्ज पर विकसित करने को कहा।
बैठक में सिन्हा ने कहा कि विकास की असली कसौटी पिछड़े इलाके हैं, जिन्हें प्राथमिकता देनी होगी। पीएमजीएसवाई में जो भी गांव आते हैं उन्हें सड़कों से जोड़ने के अलावा हर घर में नल से पानी आपूर्ति और बिजली सप्लाई सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने केंद्रीय योजनाओं को सौ फीसदी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
यह भी पढ़ेंः दूसरे दिन माता के दरबार में 170 श्रद्धालुओं ने नवाए शीश, धुंध के कारण स्थगित रही हेलिकॉप्टर सेवा
बैक टू विलेज का डेटा पोर्टल पर अपलोड करें
बैक टू विलेज की सारी जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। उपराज्यपाल ने कहा कि जनता को पता चलना चाहिए कि उनके बताए विकास कार्यों पर सरकार क्या काम कर रही है। इसके अलावा ग्रामीण विकास विभाग को पंचायतों के संसाधनों, सुविधाओं और उपकरणों की सूची तैयार करनी होगी।
बैक टू विलेज के 4095 काम पूरे
उपराज्यपाल को अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में बैक टू विलेज के तहत 81 करोड़ की लागत से 4095 काम पूरे किए जा चुके हैं। 51 करोड़ की लागत वाले 1405 काम प्रगति पर हैं। इसके अलावा पंचायतों को 14वें वित्त आयोग के तहत 1400 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
यह भी पढ़ें- Baramulla Encounter: फिर शुरू हुई बारामुला मुठभेड़, लश्कर के एक और टॉप कमांडर के घिरे होने की आशंका