पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेकां के प्रधान डा. फारूक अब्दुल्ला ने ब्रुसेल्स में हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए आतंकवाद के खिलाफ दुनिया को एकजुट होने पर जोर दिया है। आतंकवाद का कोई धर्म नहीं है और वह सिर्फ इंसानियत के खिलाफ काम कर रहा है।
अमेरिका को भी 9/11 के बाद आतंकवाद की परिभाषा का अहसास हुआ था। दुनिया को आतंकवाद की चुनौती को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने मुलायम सिंह के ब्रिटिश साम्राज्य के गुलाम रहे देशों में ही क्रिकेट खेलने की टिप्पणी पर कहा कि ऐसे नहीं है, क्रिकेट सहित गोल्फ और अन्य खेल खेल की तरह ही देखने चाहिए।
इससे मुल्कों को आपसी रिश्ते सुधारने में सहयोग मिलता है। उन्होंने वृंदावन में कई सदियों बाद विधवाओं के होली पर्व में शामिल होने का देश के लिए अच्छा संकेत बताया। इससे देश आगे बढ़ेगा। सोच को बदलने की जरूरत है।
विधवाओं के लिए देश में और मंदिरों को भी खोला जाए। आज महिला सशक्तिकरण का दौर है। महिलाओं को उनके अधिकार देने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं।